खाद्य सुरक्षा अधिनियम ने भी दूर नहीं की असुरक्षा
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जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी राशन कार्डधारकों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। जिन दुकानों पर निर्धारित तिथि पर राशन वितरित होना होता है वह तो खुली होती हैं, लेकिन शेष राशन डीलर मनमाने ढंग से दुकानें खोलते हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी संजय मिश्रा का कहना है कि राशन वितरण की दुकानें प्रतिदिन खुलनी चाहिए। वहीं निर्धारित तिथि पर राशन का वितरण भी होना चाहिए। शनिवार को शहर की कई राशन वितरण की दुकानें बंद रहीं।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने माह के दूसरे राशन वितरण दिवस पर राशन की दुकानों पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान सुबह 11:17 बजे मोहल्ला चौथियाना पर दुकान खुली मिली। वहां राशन का वितरण हो रहा था। वहीं देवी रोड स्थित राशन की दुकान पर सुबह 11:10 लोग लाइन लगाकर राशन मिलने का इंतजार कर रहे थे। वहीं सिविल लाइन क्षेत्र में दोपहर एक बजे दुकान बंद थी। यही हाल अवध नगर में स्थित राशन की दुकान का था। वहां भी दुकान बंद थी।
इस संबंध में जब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी संजय मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि माह में अलग-अलग दिन दुकानों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन का वितरण कराया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि राशन की दुकान पर वितरण का दिन नहीं है तब भी राशन विक्रेता को दुकान खोलकर बैठना अनिवार्य है ताकि वह उपभोक्ताओं की समस्या का निस्तारण कर सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई राशन विक्रेता दुकान बंद रखता है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 248965 राशन कार्ड
मैनपुरी। जिले में 248965 राशन कार्ड हैं। इनमें 1027193 यूनिट हैं। इनको राशन का वितरण किया जाता है। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में 45894 राशन कार्ड धारक पात्र हैं। इनको दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल दिए जाते हैं। इनके लिए शासन से पर्याप्त मात्रा में राशन आता है।
करते हैं जमकर मनमानी
खरगजीत नगर निवासी राजेश यादव ने बताया कि राशन वितरण की दुकान चलाने वाले लोग मनमानी करते हैं। जब मन आता है दुकान खोलते हैं अन्य दिनों में वह बंद रहती है। इसके अलावा राशन में जमकर घटतौली होती है। मौके पर तैनात अधिकारी भी कुछ नहीं कहते हैं।