थाना घिरोर क्षेत्र में 11 साल पहले नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई थी। मामले के मुकदमे में दो डॉक्टरों के खिलाफ सीजेएम ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। दोनों डॉक्टर गवाही के लिए अदालत में नहीं आ रहे हैं। अगली सुनवाई के लिए सीजेएम ने 17 दिसंबर की तारीख तय कर दी है।
थाना घिरोर क्षेत्र के रहने वाले असित प्रताप सिंह ने 8 मार्च 2007 को थाना घिरोर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि नसबंदी ऑपरेशन के दौरान घिरोर अस्पताल के डॉक्टर एसके अग्रवाल, डॉक्टर जेएस कुशवाहा, डॉक्टर मिथिलेश कुमार, स्टाफ नर्स शशि कश्यप की लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हो गई।
पुलिस ने जांच के बाद सभी को दोषी पाकर उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे का विचारण सीजेएम न्यायालय में किया जा रहा है। न्यायालय में गवाही देने के लिए डॉक्टर मिथिलेश कुमार तथा डॉक्टर जेएस कुशवाहा नहीं पहुंच रहे हैं।
इससे मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही है। शनिवार को सुनवाई के दौरान डॉक्टर एसके अग्रवाल और शशि कश्यप अदालत में पहुंचे। डॉक्टर मिथिलेश कुमार और जेएस कश्यप के नहीं आने पर सीजेएम शक्ति सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।
एसएसपी गाजियाबाद को भेजा वारंट
डॉक्टर मिथिलेश कुमार वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके खिलाफ जारी किए गए गैर जमानती वारंट गिरफ्तारी के लिए एसएसपी गाजियाबाद को भेजे गए हैं। डॉक्टर जेएस कुशवाहा वर्तमान में मैनपुरी में तैनात हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट एसपी मैनपुरी को भेजे गए हैं।