फोटो 19 श्री गुरुद्वारा साहिब में शबद-कीर्तन करते सिख समाज के लोग। स्रोत समाज
मैनपुरी। पंजाबी कॉलोनी स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में सफर-ए-शहादत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार की शाम श्री गुरुद्वारा साहिब में विशेष दरबार सजाया गया। इसमें अमृतसर से आए धर्म प्रचार कमेटी के प्रमुख मंजीत सिंह ने शबद-कीर्तन के माध्यम से वीर साहिबजादों को नमन किया। उन्होंने कहा कि वीर साहिबजादों के लिए राष्ट्र ही सर्वोपरि रहा है।
उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 1704 काले घने बादलों से घिरे चमकौर में युद्ध प्रारंभ हो चुका था। सिख सूरमा अपने दिल की गरमी मुगलों पर उढ़ेलने के लिए तैयार थे। गुरू गोविंद सिंह ने रणनीति बनाकर पांच-पांच सिख सैनिकों का जत्था मुगलों से लड़ने के लिए किले से बाहर भेजना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि साहिबजादे अजीत सिंह ने 18 वर्ष और जुझार सिंह ने मात्र 14 वर्ष की आयु में राष्ट्र के लिए अपनी कुर्बानी दे दी।
इस दौरान राजेश अरोरा, नरेंद्र कालरा, हरदीप सिंह, इंदरपाल सिंह, नाहर सिंह, दविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह आदि मौजूद रहे।