फोटो21 आत्मसमर्पण करने वाला आरोपी अर्जुन। स्रोत पुलिस
किशनी। थाना क्षेत्र के गांव दुम्हार में वर्ष 1982 में हुए हत्याकांड का आरोपी 14 साल पहले जमानत पर आने के बाद फरार हो गया था। हाईकोर्ट से वांरट जारी होने के बाद किशनी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया तो आरोपी ने सीजेएम न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।गांव दुम्हार में वर्ष 1982 में आपसी झगड़े के दौरान महेंद्र सिंह राजावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में गांव के रहने वाले अर्जुन सिंह सिसौदिया, उसके बड़े भाई के साले वीरेंद्र सिंह निवासी गांव भदेक थाना कुठौंद जालौन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मुकदमे के दौरान अर्जुन जमानत पर जेल से बाहर आ गया था, वह वर्ष 2011 तक देखा गया। इसके बाद कई वारंट जारी हुए, मगर वह न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। हाईकोर्ट से भी उसके खिलाफ वारंट जारी किए गए। किशनी पुलिस ने तलाश तेज कर दी थी। लगातार बढ़ रहा किशनी पुलिस का दबाव आखिरकार काम आ गया। अर्जुन ने शनिवार को सीजेएम न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वह गुजराज में छिपकर रह रहा था, न्यायालय से अर्जुन को जेल भेजा गया है।