समाजवादी पार्टी से मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) को पत्र लिखकर मैनपुरी में बिजली से जुड़ी गंभीर समस्याओं और स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सांसद डिंपल यादव ने अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण खंड, मैनपुरी को लिखे पत्र में क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में बिजली से जुड़ी लंबित समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने इन समस्याओं को जनता के लिए गंभीर बताया और त्वरित निस्तारण की मांग की। पत्र में ग्राम रठेरा के अंदर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की एल्युमीनियम लाइन से दुर्घटना की आशंका जताई है। सांसद ने इसे केबल से बदलने की मांग की है।
लोगपुर चौराहा से त्रिलोकपुर के बीच जर्जर लाइन में बार-बार स्पार्किंग हो रही है, जिससे दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस लाइन को जल्द से जल्द शिफ्ट करने की अपील की गई है। ग्राम नगरिया, उमदपुर और नगला बाबा नगरिया में अभी तक पूरे गांवों का विद्युतीकरण नहीं हो सका है। सांसद ने शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया है। ग्राम पंचायत अंगौधा में पानी की टंकी के ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर खराब होने से जलापूर्ति बाधित है, जिसे तुरंत बदलने की मांग की गई है। ग्राम पंचायत दरवाह के नगलाआशा गांव का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बिजली से वंचित है, जिसके विद्युतीकरण की मांग की गई है।
स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया पर मुख्य महाप्रबंधक को घेरा
सांसद डिंपल यादव ने मुख्य महाप्रबंधक डीवीवीएनएल को एक और कड़ा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने एएमआईएसपी योजना के तहत मैनपुरी में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना और उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन मीटर बदले जा रहे हैं, जिससे जनता में अविश्वास का वातावरण बन गया है। पत्र में बताया गया है कि 2.80 लाख मीटरों में से अब तक 58,687 मीटर बदले जा चुके हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने यह भी बताया कि कई उपभोक्ताओं के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे जन असंतोष बढ़ रहा है। सांसद ने चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ, तो यह जन आंदोलन का रूप ले सकती है। सांसद ने उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और पूरी योजना की समीक्षा कर पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ने की मांग की है।