फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मरीजों को बाजार से खरीदनी पड़ रहीं दवाएं

Sat, 09 Apr 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
विज्ञापन
अस्पताल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
 गर्मी शुरू होते ही जिला अस्पताल में गर्मी जनित बीमारियों से ग्रस्त रोगियों की तादाद दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। रोजाना अस्पताल पहुंच रहे डायरिया, हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त के मरीजों को समुचित उपचार के नाम पर ठगा जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक तक नहीं है, केवल उन्हें एक रुपये के पर्चे पर मशवरा मिल रहा है। दवाएं उन्हें मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रहीं हैं। वहीं अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। 
विज्ञापन


जिला अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। रोजाना गर्मी जनित बीमारियाें से ग्रस्त सैकड़ाें रोगी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। यहां डाक्टर मरीजों को उपचार के नाम पर कुछेक एंटीबायोटिक भी उपलब्ध करा रहे हैं। नियमानुसार अस्पताल में पांच प्रकार की एंटीबायोटिक होनी चाहिए। जबकि वर्तमान में मात्र दो प्रकार की एंटीबायोटिक ही उपलब्ध हैं। इसी प्रकार ओआरएस का घोल के पैकेट, एवं अन्य दवाएं भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। यही कारण है कि मरीजों को मेडिकल से दवा खरीदने का पर्चा थमा दिया जाता है। 

शुक्रवार को जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त से ग्रस्त बच्चे का उपचार कराने पहुंचे मोहल्ला सोतियाना निवासी संजीव ने बताया कि पर्चा बनवाने के बाद वह काफी देर तक डाक्टर का इंतजार करते रहे। डाक्टर ने बिना चेकअप के ही पर्चे पर दो दवाएं लिखकर काउंटर से दवा लेने को कहा। इसके अलावा सादा पर्चे पर एक सीरप लिखकर दिया और कहा कि इसे मेडिकल स्टोर से खरीदना है। पेट दर्द की समस्या लेकर जिला अस्पताल पहुंचे करहल क्षेत्र के ग्राम गोकुलपुर निवासी चंद्रशेखर ने बताया कि डाक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने का पर्चा लिखा और कहा कि बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना है। कमरे से बाहर निकलते ही एक दलाल ने उन्हें रोक लिया और निजी अल्ट्रासांउड पैथोलॉजी पर छूट दिलाने की बात कही। इसकी शिकायत उसने सुबह अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम लोकेश एम से भी की। कुल मिलाकर जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को न तो समुचित उपचार मिल रहा है। न ही मर्ज से राहत। 
विज्ञापन


जिला अस्पताल में दवाएं पर्याप्त हैं कुछेक दवाओं की कमी है। उसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। अगर कोई डाक्टर किसी मरीज से बाहर से दवाएं और जांच को कहता है तो मरीज उनसे शिकायत कर सकता है। कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

डाक्टर आरके सागर, प्रभारी सीएमएस
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें