समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 16 लोकसभा सीटों पर मंगलवार को उम्मीदवारों का एलान कर दिया। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल यादव को फिर से मैनपुरी सीट पर उम्मीदवार घोषित किया है।
सपा के उम्मीदवारों के एलान के कुछ ही देर बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव को बड़ा झटका लगा। मैनपुरी में समाजवादी पार्टी के नेता और उद्योगपति मनोज यादव ने पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले आरसीएल ग्रुप के चेयरमैन मनोज यादव ने मंगलवार को सपा से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने पार्टी छोड़ते वक्त कहा कि सपा में पारिवारिक कलह अधिक है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर नेताओं द्वारा एक दूसरे की टांग खींचने का आरोप लगाया है। मैनपुरी के स्टेशन रोड पर रहने वाले मनोज यादव दो दशक से समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं।
मनोज 2016 में सपा के टिकट पर घिरोर के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी। वे पर्दे के पीछे से ही सपा की मदद कर रहे थे। उन्हें अखिलेश यादव का बेहद करीबी माना जाता है।
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद दिसंबर 2022 में हुए लोकसभा उप चुनाव में डिंपल यादव के साथ भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। लेकिन मंगलवार को उन्होंने सपा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि सपा अब जनता के लिए काम नहीं कर पा रही है।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। बिना किसी पक्षपात के काम किया जा रहा है। उनकी कंपनी के पास भी पांच हजार करोड़ से अधिक के काम हैं।
मोदी सरकार की तारीफ की
हालांकि वे भाजपा में जाएंगे या नहीं, इसका उन्होंने अभी खुलासा नहीं किया है। मनोज यादव के सपा छोड़ने से जिले में पार्टी को झटका लगा है। सपा नेता मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मनोज यादव ने इस दौरान मोदी सरकार में हो रहे कार्यों की भी तारीफ की।