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Mainpuri News: मुगल शासकों की यातनाओं के बाद भी धर्म पर रहे अडिग

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मैनपुरी। मुगल शासकों की यातनाएं सहने के बाद भी धर्म पर अडिग रहने वाले गुरु गोविंद सिंह के दो छोटे-छोटे साहिबजादों एवं माता गुजरी को हाड़ कंपा देने वाली वाली सर्दी में बुर्ज पर कैद की सजा देने को संगत ने जुल्म की इंतहा करार दिया।
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बृहस्पतिवार को भोगांव की सिंधी गली स्थित गुरुद्वारा में चार साहिबजादों के बलिदान सप्ताह के छठवें दिन सुबह सुखमणि साहब के पाठ के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। तत्पश्चात शबद कीर्तन के माध्यम से गुरु ग्रंथ साहिब तथा गुरुओं की महिमा का बखान किया गया। ग्रंथी दलजीत कौर ने सिख इतिहास एवं बलिदान सप्ताह के बारे में बताते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह के छोटे-छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह व फतेह सिंह को इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए बहुत यातनायें दी गईं। जब उन्होंने धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया तब आज के दिन ही दोनों को नबाब वजीर खान की कचहरी में हाजिर कर सिर झुकाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि वह परमपिता परमेश्वर के अलावा किसी के सामने सिर नहीं झुकाते। इस पर नवाब तिलमिला उठा और उसने और अधिक कड़ी यातनाएं देने का आदेश दिया। परंतु वह साहिबजादों को झुका नहीं सका। सरदार सोहन सिंह, सतनाम सिंह, हरबंस लाल, जोगिंदर लाल, सिमरनजीत सिंह, अर्शदीप कौर, शालू सलूजा, प्रवीणा अरोरा, राम अरोरा मौजूद रहे।
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