फोटो 18 किशनी क्षेत्र में गैस सिलिंडर से पंप को चलाकर धान की पौध तैयार करता परिवार। संवाद
किशनी। तहसील क्षेत्र में धान की फसल को पानी का गंभीर संकट झेलना पड़ रहा है। कई दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद हुई रुक-रुककर बारिश धान के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई है। मजबूरन किसान अब गैस सिलिंडर से पंप चलाकर अपनी फसलों की सिंचाई करने को विवश हैं।
किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए कम से कम दो घंटे की लगातार बारिश आवश्यक है। कुछ देर की हल्की बारिश से कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है। किसान वर्तमान में नलकूप, इंजन और सबमर्सिबल जैसे साधनों से खेतों को पानी दे रहे हैं। तहसील क्षेत्र के रजबहा और माइनर भी पूरी तरह सूखे पड़े हैं। किसान जगदीश यादव, संजू मिश्रा, योगेश पालीवाल और छबीले यादव ने कहा कि उन्हें डर है कि जब वे अपनी फसल को पानी दे चुके होंगे, तब तेज बारिश होगी। किसानों का मानना है कि यदि अभी भी अच्छी बारिश हो जाए तो धान की फसल को काफी लाभ मिलेगा।