फोटो 10 सर्जन कक्ष में खाली पड़ी कुर्सियां। संवाद
मैनपुरी। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और मनमानी से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। ओपीडी में छह घंटे की उपस्थिति अनिवार्य है, जबकि अधिकतर डॉक्टर औसतन मात्र चार घंटे ही मौजूद रहते हैं। पूरा वेतन लेने के बावजूद मरीजों के साथ यह अन्याय गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। दोपहर एक बजते ही फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन और हड्डी रोग विभाग के कई डॉक्टर अस्पताल छोड़कर जा चुके थे। हड्डी रोग विभाग में केवल डॉ. आरके शुक्ला ही मौजूद मिले, शेष चिकित्सक वहां से निकल चुके थे। सर्जरी विभाग में एक सर्जन ऑपरेशन थियेटर में गंभीर मरीज को देख रहे थे, लेकिन दूसरे सहायक 1:25 बजे ही कुर्सी छोड़कर जा चुके थे।
फिजिशियन कक्ष की स्थिति भी कुछ अलग नहीं थी। यहां तैनात चार डॉक्टरों में से तीन दोपहर एक बजे ही निकल चुके थे। यह महज शनिवार की बात नहीं है अस्पताल का रोज़ का यही हाल है। डॉक्टर रोज़ सुबह करीब एक घंटे की देरी से पहुंचते हैं और ठीक एक बजते ही चले जाते हैं।
सीसीटीवी से हो जांच तो खुल जाएगी पोल : जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इन कैमरों की फुटेज खंगालकर जांच कराएं तो ओपीडी की सच्चाई पूरी तरह बेनकाब हो जाएगी। फुटेज में साफ दिखेगा कि कैसे एक बजे से पहले ही कई डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी छोड़कर जा चुके होते हैं।
फोटो 10 सर्जन कक्ष में खाली पड़ी कुर्सियां। संवाद