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Mainpuri News: मोक्ष कल्याणक नर से नारायण बनने की प्रक्रिया

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फोटो 22 भगवान आदिनाथ की पूजा अर्चना करते श्रावक। स्त्रोत समाज
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मैनपुरी। करहल रोड स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर सराउज्ञान में श्री आदिनाथ भगवान का अक्षय तृतीया पर्व मनाया गया। प्रातकालीन बेला में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का अभिषेक, शांतिधारा व परिमार्जन करने का सौभाग्य विशाल जैन जॉली, राहुल किराना, संजय गोल्डी, अमित कागजी, शिवांग, सुब्रत मोदी, सौरभ, अभिनव जैन को मिला। बाद में श्रीजी का संगीतमय पूजन विधानाचार्या अभिनव जैन मोदी के सानिध्य में हुआ।
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पंचकल्याणक विधान का शुभारंभ कलश स्थापना के साथ जलज, सलोनी, निशंका जैन, साधना, रेनू, प्राची, पूनम, मीना, रूपाली, शैफाली, शिल्पी जैन ने की। कचहरी रोड स्थित श्री शांतिनाथ चेत्यालय में तथा सर्वतोभद्र श्री परिवार एवं स्टेशन रोड स्थित आपकी रसोई में संजय जैन परिवार के सानिध्य में अक्षय तृतीया पर्व पर इच्छुक रस का वितरण किया गया।
डॉ. सौरभ जैन व कमल कुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जीवन के पांच प्रमुख कल्याणक हैं। यही गर्भ, जन्म, दीक्षा, तप और ज्ञान के मोक्ष कल्याणक होते हैं। जो उनके नर से नारायण बनने की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।
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उन्होंने कहा कि भगवान आदिनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन हुआ। वह जन्म से ही संपूर्ण शास्त्रों एवं समस्त कलाओं के ज्ञाता थे। उन्हें ऋषभनाथ, ऋषभदेव, आदिब्रह्मा, पुरुदेव और वृषभदेव भी कहा जाता है। राजा श्रेयांस ने इक्षुरस का आहार देकर दान देने की विधि का उद्भव और प्रवर्तन किया था। आज के दिन मुनिराजों को आहारदान देने की विधि का उद्भव हुआ था। इसलिए इस तिथि का नाम अक्षय रखा गया। धार्मिक आयोजन में अनंत कुमार, प्रभासचंद्र, अक्षय मोदी, सुबोध, उमेश चंद्र, सुरेश चंद्र, रेखा जैन, आदेश जैन, राजीव, अंशुल जैन मौजूद रहे। मंदिर के महामंत्री विशाल जैन जौली ने इक्षुरस का वितरण कराया।
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