फोटो 36 श्री महावीर जिनालय में दीप अर्चना करते जैन समाज के लोग। स्रोत आयोजक
मैनपुरी। शहर के बिसात खाना स्थित 1008 श्री महावीर जिनालय में मंगलवार को भक्तांबर दीप अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से श्रीजी का अभिषेक, पूजन और भक्तिमय आरती की। संगीतयम भजनों पर भक्त झूमते रहे।विधानाचार्य पंडित कमल कुमार जैन के सानिध्य में डौली जैन, पियूष, शैफाली और ज्योति जैन परिवार की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से श्रीजी की आरती उतारी। भक्तांबर स्रोत के 48 काव्यों के माध्यम से भगवान आदिनाथ की भक्ति की गई। भक्तों ने माड़ना पर 48 दीप अर्चना में मंत्रोच्चारण और शास्त्रीय विधानों के साथ अर्पित किए।
विधान के प्रत्येक श्लोक का अर्थ बताते हुए विधानाचार्य ने कहा कि श्लोक दरिद्रता दूर करने और धन-समृद्धि की प्राप्ति के लिए बहुत प्रभावशाली माना जाता है। इस स्तोत्र के 36वें काव्य का जाप सुख-शांति और वास्तु दोष के निवारण के लिए किया जाता है। इस दौरान अध्यक्ष सुरेश चंद्र जैन, महामंत्री नरेश चंद्र, साधना, डॉ़ सौरभ, अक्षय, आदेश जैन, विशाल बाबू, अभिषेक, शोभा, निशंका, डॉ़ स्वाति, प्राची, रेनू आदि मौजूद रहे।