मैनपुरी। शहर के आवास विकास कालोनी की रहने वाली पूर्व बसपा नेत्री के एक प्लॉट को धोखाधड़ी कर बैनामा करा लिया गया, जब बैनामा शून्य कराने के लिए मुकदमा दायर किया तो दबाव बनाया गया। जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया, धोखाधड़ी करने वाला खुद को भाजपा नेता बताता है। न्यायालय के आदेश पर बसपा नेत्री ने सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पूर्व बसपा नेता कमलेश कुमारी ने बताया कि वर्ष 2017 में बहुजन समाज पार्टी विधान सभा क्षेत्र किशनी से विधायक पद के लिए प्रत्याशी थीं, शिव प्रताप सिंह उर्फ राजू निवासी खरपरी सपा के कार्यकर्ता थे। जो उन्हें बसपा ज्वाइन कराने के लिए कह रहे थे, कहा कि उनके पास 20 हजार वोट हैं, सभी वोट आपके हक में डलवा दूंगा। 22 जनवरी 2017 को कमलेश ने शिव प्रताप को 1.50 करोड़ रुपये की जरूरत बताई। शिव प्रताप ने कहा कि रकम बड़ी है, आपको अपना प्लॉट बंधक रखना होगा, तब शिव प्रताप को बताया कि उनका प्लॉट इलाहबाद बैंक में बंधक है। तो इस पर एग्रीमेंट करने की बात कही गई। 23 जनवरी को कमलेश से कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए गए।
सात फरवरी 2017 को शिव प्रताप ने कहा कि वह 16 लाख रुपये नकद और बाकी रुपया आपके परिवार के खाते में भेज देगा। इस पर वह उपनिबंधक कार्यालय पहुंच गई। वहां उनसे कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। शिव प्रताप ने धोखाधड़ी व कूटरचना कर उनके प्लॉट का तीन भागों में अपने व अपनी दो पत्नी स्नेहलता व राधारानी के नाम एग्रीमेंट की जगह बैनामा करा लिया। जबकि प्लॉट इलाहबाद बैंक में पहले से ही बंधक था। छह फरवरी 2025 को शिव प्रताप अपने 20-25 साथियों के साथ प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचा। पुत्री नीतू सिंह ने कब्जे का विरोध किया। तब उन्हें धोखाधड़ी से बैनामा कराने की जानकारी हुई।
कमलेश का खाता शून्य होने के चलते उनके प्लॉट की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई तो शिव प्रताप ने उनके खाते करीब 1. 34 लाख रुपये जमा करा दिए। कमलेश के पुत्र आशीष ने बैंक में पत्र भेज कर जमा कराए गए रुपये शिव प्रताप को वापस करने के लिए कहा। वहीं कमलेश की ओर से बैनामा शून्य कराने को लेकर उनका मुकदमा भी चल रहा है। धोखाधड़ी करने वाले लगातार मुकदमा वापसी का दबाव बना रहे हैं। पुत्री पर दो बार हमला कर चुके हैं। मुकदमा वापस लेने से मना करने पर उनके व पुत्र आशीष के विरुद्ध झूठी एफआईआर दर्ज करा दी। 24 नवंबर 2025 को उक्त लोगों ने प्लॉट पर आकर जातिसूचक गालियां दीं, धमकी दी, कहा कि भाजपा का नेता हूं। एक माह में मुकदमा वापस नहीं लिया तो तुझे व परिवार को खत्म कर देंगे। पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की, तब न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।