फोटो 40 करहल के रामलीला मैदान में भरा पानी। संवाद
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करहल। कस्बे में सात अक्तूबर से शुरू होने वाली रामलीला के आयोजन पर जलभराव का संकट मंडराने लगा है। रामलीला मैदान में बारिश का पानी भरा होने से आयोजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। मैदान से पानी की निकासी नहीं होने के कारण आयोजक चिंतित हैं। उन्हें इंतजार है कि करहल की रामलीला के लिए कोई केवट बनकर आएगा और समस्या में डूबी आयोजन की नैया को पार लगाएगा।
करहल की रामलीला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। इस बार कई दिन हुई बारिश के चलते रामलीला मैदान में पानी भर गया है। मैदान की स्थिति ऐसी है कि यहां आयोजन की तैयारियां शुरू करना भी चुनौती बन गया है। रामलीला के मंचन और दुकानें लगने के लिए मैदान को तैयार करने, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था करने और अन्य जरूरी इंतजाम करने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता है।
हैरानी की बात यह है कि मैदान में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट होने के बावजूद जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के पानी के संचय और निकासी की व्यवस्था के लिए प्लांट होने के बाद भी मैदान में पानी भरा होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
पिछले करीब 10 वर्षो जल भराव की समस्या से जूझ रहे है। हर वर्ष प्रशासन को लिखते है फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है। नितिन चतुर्वेदी, सचिव, रामलीला महोत्सव समिति
प्रशासन से जल्द से जल्द जलभराव की समस्या दूर कराने की मांग की है। इसको दूर किए बिना आयोजन नहीं हो पाएगा। अमर सिंह यादव, संरक्षक
नगर पंचायत की टीमों को लगा दिया गया है, जल्दी ही पानी हटाकर सफाई करा दी जाएगी। लेखराज भारती, ईओ