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Mainpuri News: मां की मौत के बाद भी बैंक खाते का होता रहा संचालन

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मैनपुरी। सरकारी धनराशि के 1.24 करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोपी न्यायिक कर्मचारी अनूप कुमार यादव की मां रामादेवी की मृत्यु 30 दिसंबर 2019 हो चुकी है। उनका मृत्यु प्रमाणपत्र 13 मार्च 2024 को जारी हो चुका है। उनकी मृत्यु के बाद अनूप के भाई के पक्ष में पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति पांच जनवरी 2021 को की जा चुकी है। रामादेवी की मौत के बाद भी उनके खाते का संचालन होने की पुष्टि भारतीय लेखा परीक्षक लेखा विभाग की पांच जनवरी 2026 की रिपोर्ट में हुई है। लेखा विभाग की रिपोर्ट में लिपिक अनूप कुमार यादव तथा उनके परिजन के बीच रुपयों के लेनदेन का स्टेटमेंट भी शामिल किया गया है। लेखा विभाग की रिपोर्ट आने पर रामादेवी की मृत्यु के बाद भी उनके खाते के लगातार हो रहे संचालन से संबंधित बैंक की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगे हैं। सवाल यह भी उठा है कि रामादेवी की गैर मौजूदगी में संबंधित बैंक से उनके खाते का संचालन किसके ओर से और कैसे किया जा रहा था। बैंक अधिकारियों ने इस अवधि में खाताधारक का सत्यापन क्यों नहीं कराया।
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सीजेएम न्यायालय में भी मुकदमा लंबित
मैनपुरी। अनूप कुमार यादव के खिलाफ वर्ष 2019 में भी थाना कोतवाली में तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें भी अपने पदीय दायित्यों का उल्लंघन करके गबन करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस की जांच में आईटी एक्ट सहित अन्य धाराएं बढ़ाई गई थीं। पुलिस द्वारा भेजी गई चार्जशीट के बाद अनूप कुमार यादव की याचिका पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने अनूप यादव के खिलाफ चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद यह मुकदमा सीजेएम न्यायालय में लंबित है।

मृतक आश्रित में मिली थी नौकरी
मैनपुरी। न्यायिक कर्मी अनूप कुमार यादव के पिता राधेश्याम यादव दीवानी न्यायालय में तृतीय श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी करते थे। सेवाकाल के दौरान उनकी मृत्यु होेने पर अनूप यादव को मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी। उसकी अधिकांश नौकरी दीवानी न्यायालय के बिल विभाग में ही रही है। भारतीय लेखा परीक्षा लेखा विभाग की रिपोर्ट के बाद अनूप यादव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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