फोटो26 किसान के परिजन व भारतीय कश्यप सेना के पदाधिकारी को समझाते एसपी ग्रामीण। संवाद
करहल। गांव सिया खुर्द निवासी किसान की संदिग्ध परिस्थिति में जल कर हुई मौत के मामले में भारतीय कश्यप सेना के शामिल होने के बाद मंगलवार को परिजन ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। जानकारी पर एसपी ग्रामीण और एसडीएम मौके पर पहुंचे, कई घंटों तक समझाने का प्रयास किया गया, अंत में मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित परिजन मान गए। पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव सेहा खुर्द में रविवार की रात 50 वर्षीय किसान बेचे लाल खेत की रखवाली करने गए थे। रात को संदिग्ध परिस्थिति में जलने से उनकी मौत हो गई थी। परिजन की ओर से हत्या की आशंका व्यक्त की गई। जिस पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भारतीय कश्यप सेना के संस्थापक व अध्यक्ष प्रताप सिंह खालसा समर्थकों के साथ पहुंचे और हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। जिस पर पुलिस से नोकझोंक भी हुई थी। परिजन शव को गांव ले गए थे।
मंगलवार सुबह परिजन ने किसान के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। भारतीय कश्यप सेना के लोग भी समर्थन में आगे आ गए। जानकारी होने के बाद एसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने मौके पर पहुंच कर मृतक के परिजन व प्रताप सिंह से वार्ता की, उन्हें समझाया कि पुलिस ने मृतक के पुत्र राघवेंद्र की तहरीर पर किसान की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस गहनता से जांच करेगी, यदि कोई आरोपी होगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मगर, परिजन व समर्थन में बैठे लोग नहीं माने और मुआवजे की मांग करने लगे। इस पर एसडीएम नीरज द्विवेदी ने भी मौके पर पहुंच कर बात की। पांच बीघा खेत व चार लाख रुपये की सहायता राशि दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजन मान गए। पुलिस बल की मौजूदगी में किसान के शव का करीब पांच घंटे बाद अंतिम संस्कार कराया गया।