मैनपुरी। आलू खरीदने के बाद किसान को भुगतान नहीं करने पर आलू व्यापारी पर 19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पीड़ित किसान की याचिका की सुनवाई करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह फैसला सुनाया है। पूरी धनराशि आयोग के खाते में संचालक को 45 दिन के अंदर जमा करनी होगी।थाना एलाऊ के गांव टिकसुरी के रहने वाले किसान अवधेश कुमार ने भोगांव में मैसर्स ऋषि कुमार ट्रेडर्स के संचालक नितिन कुमार को आलू के 375 पैकेट 24, 25 और 26 दिसंबर 2026 को तीन बार में बेचे थे। संचालक ने भुगतान के नाम पर 30 हजार रुपये का चेक 20 जनवरी 2024 को दिया। खाते में रुपया नहीं होने के कारण चेक बाउंस हाे गया। पीड़ित ने जब आलू की कीमत के 54818 रुपये मांगे तो संचालक ने देने से मना कर दिया। पीड़ित ने संचालक को विधिक नोटिस भेजे तो कोई जवाब नहीं दिया।
पीड़ित ने नौ अगस्त 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। आयोग से भेजे गए नोटिस के बाद भी संचालक आयोग में हाजिर नहीं हुआ। पीड़ित ने आयोग में शिकायत के समर्थन में अभिलेख और प्रमाण जमा किए। याचिका की सुनवाई करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंदकुमार ने आदेश में कहा है कि पीड़ित को संचालक 5000 रुपये वाद व्यय, 8000 रुपये मानसिक और शारीरिक कष्ट, 6000 रुपये क्षतिपूर्ति के लिए अदा करेगा। संचालक को यह धनराशि आयोग के खाते में 45 दिन के अंदर जमा करनी होगी।
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मूल धनराशि पर छह प्रतिशत देना होगा ब्याज
मैनपुरी। आयोग से सुनाए गए आदेश में कहा गया है कि पीड़ित के आलू की बिक्री के 54818 रुपये संचालक को देने होंगे। इस धनराशि पर 26 दिसंबर 2023 से छह प्रतिशत ब्याज भी संचालक को देना होगा। यह ब्याज 54818 रुपये की धनराशि पर दिया जाएगा। संचालक को यह धनराशि भी आयोग के खाते में 45 दिन के अंदर जमा करनी होगी।