फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri News: भैंसरोली ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जांच शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। विकासखंड बेवर के ग्राम पंचायत भैंसरोली में कराए विकास कार्यों की जांच अब शुरू हो गई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, जिला मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह ने इस मामले में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को जांच अधिकारी के रूप में नामित किया है।
विज्ञापन

भैंसरोली गांव के निवासी रामविलास सिंह यादव की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार ने जिलाधिकारी को पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत याचिका और उसमें लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच करने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में, जिला मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें पंचायती राज अधिनियम के तहत निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए, विस्तृत जांच आख्या जिला पंचायत अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार, जांच अधिकारी अपनी जांच के दौरान शिकायतकर्ता, ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित पक्षों को सुनेंगे। यदि शांतिभंग की आशंका होती है, तो संबंधित थाने से पुलिस बल की सहायता भी ली जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, संबंधित खंड विकास अधिकारी और अपर विकास अधिकारी पंचायत को विकास कार्यों की सूची, आय-व्यय का विवरण और अन्य आवश्यक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां जांच अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध करानी होंगी।
विज्ञापन

रामविलास सिंह यादव ने आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान पद के लिए यशपाल सिंह ने चुनाव लड़ा था और 476 वोट प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि कुंवरपाल शाक्य 550 वोट पाकर चुनाव जीते थे।
यह भी आरोप लगाया गया है कि स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट, मैनपुरी के न्यायालय ने यशपाल सिंह को 25 फरवरी, 2025 को तीन साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि गांव में यशपाल सिंह नाम का कोई व्यक्ति मौजूद ही नहीं है। झब्बूलाल सिंह के छह पुत्र हैं, जिनमें से किसी का भी नाम यशपाल नहीं है। वर्तमान में भैंसरोली के प्रधान झब्बूलाल सिंह के पुत्र अजयपाल हैं। याचिका में कहा गया है कि इस आरोप की सत्यता केवल वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच के माध्यम से ही सामने आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें