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Mainpuri News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझा दी अनीश की मौत की गुत्थी

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मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के गांव कोसमा मुसलमीन के रहने वाले 20 वर्षीय युवक अनीश की मौत का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और अधिक उलझ गया है। जहां मृतक के परिजन ने पिटाई के कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है, वहीं पोस्टमार्टम करने वाले पैनल की रिपोर्ट इस आरोप को नकार रही है। रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर बाहर या अंदरूनी कोई चोट नहीं पाई गई है। इस रहस्य को सुलझाने के लिए चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया है।
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यह घटना शुक्रवार सुबह तब सामने आई जब गांव कोसमा मुसलमीन निवासी अनीश का शव खेत में पड़ा मिला। मृतक के भाई शोएब ने गांव के ही अतुल, ओमकार, अंकुल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है। शोएब ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे अनीश अपने चाचा के लड़के अप्पू के साथ लुका-छिपी खेल रहा था। खेलते हुए दोनों गांव के रहने वाले फारुख की चक्की के पास चले गए, जहां उक्त चारों लोग मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए अनीश की पिटाई की, जिसके कारण उसे अंदरूनी चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने अनीश के शव का पोस्टमार्टम एक पैनल से कराया। पैनल की रिपोर्ट में पीटे जाने के आरोप से संबंधित कोई भी प्रमाण नहीं मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, अनीश के शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं थी जिससे मौत का कारण स्पष्ट हो सके। मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए, चिकित्सक दल ने विसरा को सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर अनीश की मौत का सही कारण क्या था।
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एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने गांव में चिंता और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

पुलिस जांच व कार्रवाई की दिशा बदली
अनीश की मौत की वजह पिटाई नहीं है तो उसके साथ क्या हुआ, वह रात भर घर क्यों नहीं आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने जांच व कार्रवाई की दिशा बदल दी है, आगे की पुलिस कार्रवाई और जांच काफी हद तक अब फोरेंसिक, विसरा रिपोर्ट पर टिक गई है। इसके अलावा मृतक के फोन के कॉल रिकॉर्ड्स, आखिरी बार किसके साथ देखा गया और चश्मदीदों के बयान भी गुत्थी सुलझाने में पुलिस के मददगार हो सकते हैं।
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