दिहुली सामूहिक हत्याकांड में एडीजे डकैती इंद्रा सिंह की कोर्ट से आज यानी मंगलवार को फैसला आने की संभावना है। 44 साल पहले 18 नवंबर 1981 को हुए इस सामूहिक नरसंहार के प्रति कोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर फिरोजाबाद और मैनपुरी जिले के लोग नजर बनाए हुए हैं। इधर, अदालत में यह भी आज तय होगा कि आरोपी युधिष्ठिर पुत्र मुंशी सिंह और उसके भाई पंचम की मौत हुई है या नहीं, इसके संबंध में साक्ष्य व गवाही भी आज होगी।
वर्तमान में कोर्ट में हत्या और डकैती के आरोप में रामपाल, रामसेवक और कप्तान सिंह पर ट्रायल चल रहा है। कुल 17 अभियुक्त इस वारदात में आरोपी हैं। इनमें से 11 की मौत हो चुकी है। युधिष्ठिर और पंचम की मौत होना बताया जाता है। मगर, इसके संबंध में अभी तक कोई साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। मंगलवार को कोर्ट में अभियोजन पक्ष इस पर साक्ष्य और गवाही भी कराएगा। इसके बाद अदालत इन पर निर्णय लेगी।
बता दें कि फिरोजाबाद जनपद के जसराना थाना क्षेत्र के गांव दिहुली (घटना के समय मैनपुरी का हिस्सा) में 24 दलितों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। वर्ष 1981 में 18 नवंबर की शाम 6 बजे की यह घटना थी। डकैत संतोष और राधे के गिरोह ने एक मुकदमे में गवाही के विरोध में हथियारों से लैस होकर दिहुली गांव में घुसकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों पर गोलियां चलाई गई थी।
इसमें 24 लोगों की मौत हुई थी। बदमाशों ने हत्या करने के बाद लूटपाट भी की थी। मैनपुरी से लेकर इलाहाबाद तक यह मामला कोर्ट में चला। इसके बाद बीते साल सितंबर माह में बहस के लिए मुकदमा मैनपुरी की डकैती कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था।