कामधेनु और कुकुक्ट पालन के शेड स्टेंडर्ड मानक के अनुसार न बनाने, साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर डीएम लोकेश एम ने नाराजगी जताई। साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए वो मानक अनुसार इसमें सुधार कराएं। कामधेनु योजना में जो भी पशु खरीदे जाएं सभी के कानों में टैग लगे पशु रजिस्टर तैयार किया जाएं। इसमें पशु का पूरा विवरण अंकित हो। डाक्टर जब भी भ्रमण करे रजिस्टर में पशु के सामने टिप्पणी अंकित करें। पशुओं को गर्मी से बचाव के लिए कूलर, पंखों की व्यवस्था की जाए। पशुओं की देखभाल के लिए निर्धारित मात्र में मजदूर उपलब्ध रहे।
डीएम ने शिववीर सिंह की कामधेनु डेयरी का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि 1.20 करोड़ के प्रोजेक्ट में 90 लाख रुपये बैंक का लगा है। प्रदेश सरकार उस पर 12 प्रतिशत ब्याज की सब्सिडी दे रही है। फिर भी येाजना मानक के अनुसार संचालित नहीं है। कामधेनु योजना 100 जानवरों की है लेकिन मौके पर 70 भैंस ही उपलब्ध है। अभय लेयर पोल्ट्री फार्म (कुक्कुट पालन) का भी स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। यहां भी मानक के अनुसार व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। कुक्कुट पालन योजना में मुर्गियों में इंफेक्शन की संभावना बनी रहती है। यहां पर्याप्त सफाई व्यवस्था नहीं है। निरीक्षण के दौरान सीडीओ दीपक मीणा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. योगेश कुमार सारस्वत आदि मौजूद रहे।