शुक्रवार को नवमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। घर-घर में मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना हुई, वहीं कन्या लांगुराओं को हलुआ-पूड़ी, दही-जलेवी खिलाई गई। नगर के प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर पर तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी जो देररात तक जारी रही। इस दौरान मंदिरों पर भजन-कीर्तन का दौर दिनभर चला, वहीं नेजा भी चढ़ाया गया। जगह-जगह भंडारे आयोजित कर लोगों को हलुआ, पूड़ी, सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया।
चैत्र नवरात्र के समापन पर नवमी को नगर के विभिन्न देवी मंदिरों पर सजावट की गई तथा मां की प्रतिमाओं का भव्य श्रृंगार हुआ। मां शीतला देवी और मां दुर्गा मंदिर की सजावट देखते ही बन रही थी। महिलाओं ने घरों में भी पूजा-अर्चना की और नवरात्र व्रत के अंतिम दिन कन्या और लांगुरों की पूजा कर प्रसाद ग्रहण कराया। मंदिर और घरों में हवन हुए। भक्तों ने मंदिरों पर जलार्पण के बाद धूप, दीप, प्रसाद अर्पित कर ज्वार आदि चढ़ाकर मनौतियां मानी।
तड़के तीन बजे से ही महिला, बच्चों और पुरुषों ने मां शीतला देवी के मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए। पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर में कन्याओं को भोजन कराया और उन्हें भेंट दी। रंग-बिरंगे विभिन्न प्रकार के सजाए गए नेजों के साथ दर्जनों स्त्री-पुरुष नाचते गाते हुए मां शीतला देवी धाम पहुंचे। मोहल्ला छपट्टी के रमेश राठौर, धर्मेंद्र, अमर, रजत, रीता राठौर, पुष्पा, सीबू आदि ने मां शीतला मंदिर पर भंडारा किया। पूरा नगर भक्तिमय नजर आ रहा था। वहीं स्टेशन रोड, कचहरी रोड, करहल रोड सहित कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। नगर के अन्य मंदिरों में भी देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।