मैनपुरी। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जनपद में करीब 27 गांव की 370 हेक्टेयर भूमि का बैनामा किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन लगातार बैनामे कर रहा है। वहीं कुछ समय पहले भोगांव तहसील के कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने उचित मुआवजा न मिलने पर अपने भूमि का बैनामा कराने से मना कर दिया था।
जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया और उसके बाद उन्हें अब 30 लाख की जगह 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा, इसके बाद से अब लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी आएगी। करीब 90 से 92 किलोमीटर लंबा मैनपुरी-फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस वे आगे जाकर गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके लिए मैनपुरी के कई इलाकों में जमीन अधिग्रहण का कार्य चल रहा है।
किसानों का कहना था कि लिंक एक्सप्रेसवे के अंतर्गत जो जमीन जा रही है उनमें सभी जमीनों का अलग-अलग दाम दिया जा रहा है। कहीं पर 30 लाख रुपये तो कहीं 40 लाख रुपये हेक्टेयर के रेट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी की जमीन है मौके की है, उसके बावजूद अलग-अलग मुआवजा क्यों दिया जा रहा है। इसको लेकर अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनंद ने किसानों के साथ बैठक की, इसके बाद जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया।
किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की और कहा के अन्य किसानों की तरह उनकी जमीन का मुआवजा भी उचित मिलना चाहिए। वहीं जिलाधिकारी ने अब किसानों को 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के आधार पर मुआवजा देने की स्वीकृति कर दी है, इसके बाद से किसान काफी खुश है और अब बैनामा प्रक्रिया को तेजी मिलने के आसार है।
किसान जयप्रकाश दीक्षित का कहना है कि उनकी 6 बीघा जमीन का अधिग्रहण होना है। पहले मुआवजा कम मिल रहा था। अब ठीक है। हम राजी हैं, प्रशासन ने हमारी मांग मान ली है। अब हम बैनामा करने के लिए तैयार हैं। किसान राम सुमिरन का कहना है कि रेट बढ़ जरूर गये हैं, यदि हुसैन पुर मौजा के हिसाब से 50 लाख हो जाते तो बहुत सही होता। हालांकि 40 लाख रुपये का मुआवजा भी ठीक बढ़ाया है।