मैनपुरी। सेवा में कमी साबित होने पर एलजी कंपनी उपभोक्ता को 14000 रुपये देगी। यह धनराशि 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में जमा करनी होगी। पीड़ित की याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एलजी कंपनी के प्रबंधक सहित स्थानीय दुकानदार को दिया है।
थाना भोगांव के नगला विचित्र विनोदपुर के रहने वाले नरेंद्र सिंह उर्फ नीरेंद्र ने 3 मई 2023 को स्टेशन रोड स्थित सारंग इलेक्ट्रोनिक्स से एक फ्रिज 27118 रुपये में खरीदा था। 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ दुकानदार को 31999 रुपये का भुगतान किया। जब वह फ्रिज लेकर घर पहुंचा तो फ्रिज चालू नहीं हुआ। शिकायत पर दुकान से आए मैकेनिक ने बताया कि फ्रिज खराब है। इसे बदलना ही पड़ेगा। ग्राहक की शिकायत पर दुकानदार ने पहले तो फ्रिज बदलने का भरोसा दिया। बाद में फ्रिज को बदलने से मना कर दिया।
पीड़ित ने दुकानदार सहित एलजी कंपनी के दिल्ली कार्यालय को विधिक नोटिस भेजा लेकिन उसका कोई जवाब नहीं दिया गया। पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 19 जुलाई 2023 को याचिका दायर की। सुनवाई आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंदकुमार ने की। प्रमाणों के आधार पर आयोग ने आदेश दिया कि सेवा में कमी साबित होने पर एलजी कंपनी के दिल्ली कार्यालय के प्रबंधक सहित दुकानदार को 14000 रुपये मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया। यह धनराशि 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में जमा करनी होगी।
फ्रिज की धनराशि पर देना होगा ब्याज
आयोग द्वारा सुनाए गए आदेश में कहा गया है कि एलजी कंपनी पीड़ित को 31999 रुपये भी अदा करेगी। इस धनराशि पर 10 प्रतिशत ब्याज भी कंपनी को देना होगा। यह धनराशि भी 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में जमा करनी होगी। इस धनराशि में 10 प्रतिशत धनराशि दुकानदार तथा 90 प्रतिशत धनराशि एलजी कंपनी के दिल्ली कार्यालय के प्रबंधक द्वारा दी जाएगी।