श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देर रात तक झांकियों के साथ भजन कीर्तन की गूंज सुनाई दी। पुलिस लाइन में भी कार्यक्रम हुआ, वहीं जेल को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। जेल में सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। रात 12 बजे तक मंदिरों में सजाई गई आकर्षक झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा।
श्री एकरसानंद आश्रम में महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती के सान्निध्य में सुंदरकांड के संगीतमय पाठ के साथ भजनों का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। रात 12 बजे कान्हा के जन्म के साथ आरती और भोग प्रसाद का वितरण हुआ। स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के दौरान गीता का संदेश देकर जहां मानवता पर उपकार किया। वहीं गायों को साधारण ग्वाले के रूप में चराकर भारतीय अर्थव्यवस्था में गोपालन के महत्व को आम जनता के बेहतर स्वास्थ्य से जोड़ा। आधुनिक संदर्भ में हम उन्हें योग्य मैनेजमेंट गुरु कह सकते हैं। डा. ग्याप्रसाद दुबे, डा. संजीव वैद्य, रामबदन पांडेय आदि मौजूद थे। वहीं पुलिस लाइन में झांकियां सजाई गईं तथा जेल में भी श्रीकृष्ण की जन्म की धूम रही।
घिरोर ब्लाक के ग्राम भैंसामई में शीतलादेवी मंदिर पर जन्माष्टमी और रासलीला हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिलामंत्री अरुण कुमार सिंह ने किया। जिलामंत्री ने कहा कि इस तरह के पर्व हमें आपसी सौहार्द के साथ मनाने चाहिए। रासमंडली द्वारा मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस मौके पर सूर्य प्रताप सिंह, रघुनंदन यादव, ओमसरन, रामसेवक, अनीस यादव, उदयवीर आदि मौजूद रहे।
किशनी में श्रीकृष्ण के जन्म होते ही हर्षोल्लास से लोग झूम उठे। नगर के शिव मंदिर, थाना परिसर, भुवनेश्वरी मंदिर व हवेली में मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गईं।