जब तक खुले रुपये मिले तब तक चिकित्सक मासूम का उपचार करता रहा। मगर जैसे ही 500-1000 के नोट मिले तो चिकित्सक की संवेदनाएं मर गईं। बच्चे को दंपति को थमाकर क्लीनिक से बाहर कर दिया। उन्होंने काफी मन्नतें कीं लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। कुछ देर बाद मासूम ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। हालांकि इस मामले में परिवारीजनों की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है, जबकि जानकारी होने पर डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं।
थाना क्षेत्र के गांव नगला पदम निवासी राजू का पुत्र कुशू (01) बदलते मौसम में सर्दी व बुखार की चपेट में आ गया था। बताते हैं कि शनिवार की शाम हालत खराब होने पर राजू उसे लेकर शहर के एक निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। बच्चे की हालत खराब होने पर उसे क्लीनिक में भर्ती कर लिया। करीब 1100 रुपये भी जमा करा लिए गए।
राजू का आरोप है कि जब उसकी जेब में खुले नोट दवाई में खर्च हो गए। जब उसने 1000-500 के नोट देने चाहे तो चिकित्सक ने इनकार कर दिया। बच्चे का उपचार बंद करने के साथ ही बच्चे सहित उसे क्लीनिक से डिस्चार्ज कर दिया। उसने मासूम की हालत का वास्ता देकर काफी देर तक चिकित्सक और स्टाफ से मिन्नतें की मगर किसी पर कोई असर नहीं पड़ा। क्लीनिक से निकलने के कुछ देर बाद ही कुशू ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। रोते बिलखते परिवारीजन मासूम का शव लेकर गांव लौट गए। वहीं चिकित्सक भी क्लीनिक से गायब है। सीएमओ डॉ. केके शर्मा का कहना है कि डीएम के निर्देश मिलने के बाद चिकित्सक से जानकारी ली जा रही है। जांच रिपोर्ट जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी।
परिवारीजन अगर तहरीर देते हैं तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रपाल सिंह, डीएम मैनपुरी