कुसमरा। जासमई मार्ग पर ग्राम अहिमलपुर में खारजा का पुराना पुल ढहने से एक वृद्ध घायल हो गया। घायल वृद्ध को फतेहगढ़ के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। वहीं ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बाद भी रजबहा का पानी बंद नहीं किया गया। इसके चलते यह हादसा हुआ।
कुसमरा के ईशन नदी पुल कूंडी से जासमई मार्ग पर ग्राम अहिमलपुर के समीप 35 वर्ष पूर्व निर्मित पुल सुबह करीब चार बजे धराशाई हो गया। शाकाहार रैली लखनऊ में शामिल होकर लौटे थाना बेवर के ग्राम तेजगंज निवासी हरगोपाल (60) कुसमरा बस से उतर कर अपने 5-6 साथियों के साथ सुबह चार बजे गांव के लिए साइकिलों से जा रहे थे। जैसे ही अहिमलपुर के मझोला खारजा पुल पर पहुंचे तो पुल अचानक भरभराकर ढह गया। इसमें वह गिरकर गंभीर घायल हो गए। कुछ दूरी पर पीछे चल रहे साथियों ने घायल के घर पर सूचना दी। परिवारीजनों ने तत्काल घायल वृद्ध को फतेहगढ़ के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सुबह लोगों की भीड़ जब देखने के लिए एकत्रित हुई तो पुल का बाकी का बचा हिस्सा भी ढह गया। इससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं पानी के कटान से गांव निवासी कुलदीप पांडेय की तीन बीघा खेत की मिट्टी कट कर पानी में बह गई। गांव के गजेंद्र पांडेय ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने जेसीबी से वहां से मिट्टी उठवाई थी। इसके कारण रविवार की सुबह से ही मिट्टी का कटान शुरू हो गया था। इसकी सूचना उन्होंने बेवर स्थित नहर कोठी पर दी। वहां से उन्हें नहर विभाग के एसडीओ व अन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर दिए गए। इस पर उन्होंने कई बार पानी बंद कराने की गुहार लगाई लेकिन अधिकारियों ने पानी बंद नहीं कराया। यदि समय रहते पानी बंद हो जाता तो हादसा टल सकता था। इतना ही नहीं क्षेत्रीय ग्रामीणों ने इस पुल के खस्ताहाल होने की सूचना भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी थी।
कई अन्य पुल भी हैं जर्जर
कुसमरा। क्षेत्र के ग्वालियर बरेली मार्ग पर बेवर से लेकर किशनी तक करीब छह पुल हैं। जिनकी हालत बेहद जर्जर है। उसमें ईशन नदी व अरिंद नदी और लोअर गंगा नहर ढढौस पुल बेहद जर्जर हालत में है। यदि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।