गर्मी बढ़ते ही पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट बढ़ जाएगा। हालात यह हैं कि अभी भी कई क्षेत्रों में पालिका की जलापूर्ति नहीं पहुंच रही है। इसके चलते ज्यादातर लोग हैंडपंपों पर आश्रित हैं। वहीं शहर में कई हैंडपंप खराब हैं तो कई रीबोर के लिए हैं। 11 हैंडपंप खराब पड़े हैं। वहीं बिजली कटौती और कम वोल्टेज के चलते अधिकांश टंकियां भी नहीं भर पाती हैं।
पालिका की जलापूर्ति व्यवस्था आबादी के हिसाब से नाकाफी है। शहर में 11 सौ हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 20 रीबोर होने और 11 से अधिक खराब पड़े हैं। शहर में हर रोज 40 मिलियन लीटर पानी की जरूरत है। जबकि नगरपालिका के संसाधनों से 30 मिलियन लीटर जलापूर्ति ही की जा रही हैं। बाकी 10 मिलियन लीटर पानी की जरूरत हैंडपंप पूरा कर रहे हैं। मोहल्ला छपट्टी निवासी रामशरन का कहना है कि आए दिन पालिका के नलों में पानी नहीं आता है। वहीं जब आता है तो ज्यादातर गंदा पानी आता है। इससे संक्रामक रोग फैलने का डर बना रहता है। बंशीगौरा निवासी गौरव कुमार का कहना है कि पालिका सुबह शाम तीन-तीन घंटे पानी देने का दावा करती है। जबकि बमुश्किल पूरे दिन में दो घंटे ही पानी मिलता है। जिन क्षेत्रों में पानी का संकट है वहां के लिए पालिका ने छह टैंकर पानी की व्यवस्था कर रखी है। जिन क्षेत्रों से पानी की डिमांड आएगी वहां तुरंत पानी का टैंकर भेज दिया जाएगा।
इन क्षेत्रों में है पानी का संकट
मैनपुरी। नगर के मोहल्ला करहल रोड, महमूदनगर, राजीव गंाधी नगर, अग्रवाल, सौतियाना, किला के पीछे, देवी रोड, गोलाबाजार, चौथियाना, भरतवाल में पानी का संकट है। इन मोहल्लों में पानी के संकट को देखते हुए पालिका ने जेनरेटर की व्यवस्था कर रखी है। यदि बिजली नहीं होगी तो जेनरेटर से पानी दिया जाएगा।
गर्मी में पानी की कमी न हो इसलिए पालिका ने व्यवस्था कर रखी है। वहीं लो वोल्टेज के कारण जिन क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है। उन क्षेत्रों में जेनरेटर से नलकूप चलवाकर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- साधना गुप्ता, पालिकाध्यक्ष