रज्जो देवी कबीर आश्रम सेवा समिति के तत्वावधान में कबीर साहेब की जयंती पर सुबह आठ बजे शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा का कबीर भक्तों ने जगह-जगह स्वागत किया। इसके बाद आश्रम में सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें महंत अमर साहेब ने प्रवचन दिए।
कबीर जयंती पर कबीर आश्रम से सुबह आठ बजे से शोभायात्रा निकाली गई। जिसका शुभारंभ नगर पालिकाध्यक्ष साधना गुप्ता ने झंडी दिखाकर किया। शोभायात्रा का भक्तों ने जगह-जगह स्वागत किया, साथ ही ठंडे पानी का वितरण किया। यात्रा में संत, महिलाएं, बच्चे आदि भजन गाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा कचहरी रोड, तांगा स्टैंड, बड़ा चौराहा, आगरा रोड, ज्योंति तिराहा से होती हुई पुन: इन्हीं मार्गों से वापस भजन गाते हुए कबीर आश्रम पहुंची। इसमें दूरदराज से आए संत और भक्तों ने प्रतिभाग किया।
शोभायात्रा के समापन के बाद कबीर आश्रम में प्रवचन का आयोजन हुआ। इसमें महंत अमर साहेब ने कहा कि धर्म-धर्म तो सब कहे, मजहब धर्म न होय। निर्मल मन का आचरण, सत्य धर्म है सोय। महंत ने कहा कि कबीर मानव विकास के प्रकाश स्तंभ हैं। उनका एक गरीब के घर पालन पोषण हुआ। उन्हें ज्यादा सुख सुविधा नहीं मिली। इसलिए उन्होंने अंधविश्वास को तोड़ दिया। प्रवचन के बाद भंडारे हुआ। इसमें बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर साहित्यकार लाखन सिंह भदौरिया, कवि दीन मोहम्मद दीन, डाक्टर आनंद प्रकाश, ग्रीश चंद्र कवि आदि मौजूद थे।