मैनपुरी। मंगलवार को केंद्रीय वित्तमंत्री का पुतला फूंक रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और महिला पुलिस कर्मियों के बीच कलक्ट्रेट में भिड़ंत हो गई। एक ओर कार्यकत्री पुतला फूंकने की कोशिश कर रही थीं, वहीं पुलिस उन्हें रोक रही थी। अंत में पुलिस ने पुतला कार्यकत्रियों से छीन लिया। कुछ देर बाद कार्यकत्रियों ने वित्तमंत्री का दूसरा पुतला बनाकर फूंक दिया और पुलिस देखती रही। इस दौरान हुई सभा में जिलाध्यक्ष सरिता शाक्य ने मंच से केंद्र सरकार और जिला प्रशासन को कोसा।
समेकित बाल विकास परियोजना के तहत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की केंद्रीय बजट में उपेक्षा से नाराज एसोसिएशन ने मंगलवार को तिकोनिया पार्क में धरना किया। सुबह 11 बजे से जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने तिकोनिया पार्क पहुंचना शुरू कर दिया। 11:30 पर जब कार्यकत्रियों ने रैली निकालकर वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंकने का प्रयास किया तो धरनास्थल पर तैनात महिला एसओ और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनसे पुतला छीनने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकत्रियों में काफी देर तक खींचातानी हुई। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। काफी देर बाद पुलिस कर्मियों को कार्यकत्रियों के कब्जे से पुतला छीनने में सफलता मिल गई। इसके बाद कार्यकत्रियों ने धरनास्थल पर ही सभा करना शुरू कर दिया।
सभा में जिलाध्यक्ष सरिता शाक्य ने प्रशासन को कोसा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पुलिस ने जानबूझकर कार्यकत्रियों को निशाना बनाया है। महिला दिवस पर एक ओर प्रशासन महिलाओं की उपलब्धियों को गिनवा रहा है। दूसरी ओर हक की आवाज उठानी वाली कार्यकत्रियों पर पुलिस दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया को मनमाने ढंग से जेल भेजा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो कार्यकत्रियां जेल भरो आंदोलन कर गिरफ्तारी देंगी। जब तक मानदेय नहीं बढ़ाया जाता आंदोलन जारी रहेगा। बाद में प्रशासन को चुनौती देते हुए एक बार फिर वित्तमंत्री का पुतला बनाकर उसे तिकोनिया पार्क में ही फूंका।