कोतवाली क्षेत्र के गोला बाजार के समीप सोमवार सुबह बाइक से स्कूल जा रहे दो छात्रों को कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद काफी देर तक दोनों छात्र वहीं पड़े रहे। इस दौरान एक व्यक्ति ने 100 नंबर डायल किया मगर कोई जवाब नहीं मिला। इंस्पेक्टर कोतवाली को फोन करने पर उन्होंने फोन काट दिया। सूचना मिलने पर सीओ सिटी तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल छात्रों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
थाना बिछवां क्षेत्र के गांव संतोषपुर निवासी नितिन कुमार (14) और गांव सूरजपुर निवासी राजीव (14) सुबह करीब 7:30 बजे बाइक से आदर्श राष्ट्रीय विद्यालय आ रहे थे। दोनों कक्षा नौ के छात्र हैं। बाइक जब गोला बाजार के समीप पहुंची तभी सामने से आ रही ईको कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों छात्र घायल हो गए। वे काफी देर तक वहां पडे़ रहे, एक युवक आफाक ने मदद के लिए 100 नंबर डायल किया मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उसने कोतवाली इंस्पेक्टर के सीयूजी नंबर पर सूचना देने के लिए फोन मिलाया तो उन्होंने फोन काट दिया। युवक ने फिर सीओ सिटी राजेश चौधरी को सूचना दी। इस पर वह तत्काल मौके पर पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के बाद परिवारीजन छात्रों को घर ले गए। वहीं पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में आक्रोश है।
नाबालिगों के हाथों में बाइक की चाबी
मैनपुरी (ब्यूरो)। गोला बाजार के समीप घायल हुए दोनों नाबालिग छात्र बगैर हेलमेट और लाइसेंस के बाइक चला रहे थे। वहीं पुलिस की लापरवाही भी इस हादसे में अहम मानी जा सकती है। पुलिस वाहन चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करती है, शहर की सड़कों पर खुलेआम बगैर लाइसेंस वाहन दौड़ा रहे नाबालिग उनकी कार्रवाई की जद में नहीं आते। दो दिन पूर्व ही एसपी ने एक बाइक पर सवार तीन नाबालिगों की बाइक को सीज कर पुलिस को कडे़ निर्देश दिए थे। मगर इसका भी कोई असर नहीं दिख रहा है। सड़क हादसों में इस वर्ष अब तक बगैर हेलमेट और नियम पालन न करने के चलते करीब 300 से अधिक युवा जान गवां चुके हैं।
पुलिस के साथ ही अभिभावकों को भी इस बात पर ध्यान देना चाहिए। जब तक लाइसेंस जारी नहीं होता वह बच्चों को बाइक आदि वाहन कतई न दें। पुलिस के साथ साथ बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अभिभावकों की भी है।
सुनील कुमार सक्सेना, एसपी मैनपुरी