थाना कोतवाली क्षेत्र में 20 साल पहले एक छात्र का अपहरण करके हत्या करने वाले तीन लोगों को एफटीसी जज कुलदीप सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पावर हाउस रोड निवासी सुनील तोमर कक्षा 10 का छात्र था। उसे 31 दिसंबर 2005 को शाम छह बजे कुछ लोग अपने साथ ले गए। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन ने तलाश की। एक जनवरी 2006 को सुनील का शव जलालपुर के पास मिला। सुनील के भाई दीपू तोमर निवासी सिकंदरपुर पतारा थाना कुर्रा ने रवी मिश्रा बैंक कॉलोनी, आक्रोश गुप्ता कृष्णा कुंज कॉलोनी, योगेंद्र कश्यप सुलखनपुर कोतवाली, शैलेंद्र यादव और शैलेंद्र कश्यप पावर हाउस रोड के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी।
पुलिस ने जांच करके चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। एफटीसी जज कुलदीप सिंह ने रवि मिश्रा बैंक कॉलोनी, आक्रोश गुप्ता कृष्णा कुंज कॉलोनी और योगेंद्र कश्यप सुलखनपुर कोतवाली को हत्या करने के दोषी माना है। तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दो लोगों का अलग चलेगा मुकदमा
सुनील का अपहरण करके हत्या करने के आरोपी शैलेंद्र यादव और शैलेंद्र कश्यप पावर हाउस रोड न्यायालय में हाजिर नहीं हुए। दोनों की फाइल अलग कर दी गई। उनके खिलाफ अलग से मुकदमा चलेगा। एफटीसी जज ने निर्णय में लिखा है कि दोषियों पर किसी प्रकार की सहानुभूति अथवा लचीला रुख अपनाना समाज एवं न्याय व्यवस्था के लिए नुकसान दायक होगा। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। इसे देखते हुए उनको आजीवन कारावास की सजा दी गई है।