शिवपाल सिंह यादव का किया स्वागत
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बाद रविवार को शिवपाल सिंह यादव का दर्द भी मैनपुरी छलका और उन्होंने अखिलेश यादव का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्हें निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि जिसे बिना करे धरे की कुर्सी मिल जाती है, बिना किसी मेहनत के सत्ता मिल जाती है, उसकी सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है और वह सही समय पर सोच नहीं पता है। हमारे अपनों ने ही हमें हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। करहल में सोबरन को भी हराने का प्रयास किया। मेरा ही नहीं नेताजी का भी अपमान किया। भगवान जो भी करता है अच्छा ही करता है।
करहल में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने आए शिवपाल सिंह ने कहा कि मैं छह महीने पहले मंत्री था और मेरे पास ऐसे विभाग थे जो किसानों से जुड़े हुए थे और एक विभाग ऐसा भी था जिसे सभी लोग प्रयोग करते हैं। अब हमें निर्णय लेना अति आवश्यक है। हम अब नेताजी, गरीब किसान, मजदूरों और आप सब की सहमति से एक बड़ा निर्णय लेंगे। अब बड़ा निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि अब हम बहुत जल्दी कोई बड़ा फैसला लेंगे और उसमें आप सभी की राय को जानेंगे। नेताजी के साथ बहुत बड़ा जन समूह है। उसके बाद पांच साल मलाई खाने वालों को बताएंगे। जब नेता जी को उनकी जरूरत थी तभी वे साथ छोड़ गए। मेरे साथ करहल विधायक सोबरन सिंह को भी हराने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि मेरा राजनीति में आने का कोई मकसद नहीं था लेकिन व्यस्तता को देखते हुए नेताजी मुझे राजनीति में लाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का कोई भी ऐसा जिला नहीं जहां में 10 से 15 बार नहीं गया हूं। हर क्षेत्र का दौरा किया है। विधान दल की मीटिंग हुई, मुझे उसमें बुलाया तक नहीं गया। और अब फैसला जनता की राय से लेना चाहते है।