जिले में डग्गामारी और ओवर लोडिंग की समस्या बढ़ती जा रही है। होली के चलते यह समस्या और बढ़ गई है। डग्गामार वाहन चालकों की चांदी हो रही है। लोग पैसा बचाने और जल्दी के चक्कर में जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। चौराहों, तिराहों पर खड़े होने वाले ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी अनजान बने हैं। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने नगर क्षेत्र में डग्गामार वाहनों का जायजा लिया तो यह हकीकत सामने आई।
केस नंबर एक
नगर के जेल चौराहा पर सुबह 11:30 बजे के लगभग आटो चालक सवारियों को भरे पड़ा था। आटो में अंदर से ज्यादा सवारियां बाहर लटकी दिखाई दे रही थीं। इस ओर न तो ट्रैफिक पुलिस का ध्यान था और न ही एआरटीओ का।
केस नंबर दो
दोपहर 12 बजे नगर के आगरा रोड पर भी डग्गामार वाहन पर लोग यात्रा करते दिखे। टाटा मैजिक से डग्गामारी हो रही थी। मैजिक पर कई यात्री बाहर भी लटक रहे थे।
केस नंबर तीन
दोपहर 12:30 बजे के लगभग नगर के ज्योंति रोड पर भी टाटा मैजिक में निर्धारित संख्या से ज्यादा सवारियां बैठी थीं। महिला अंदर बैठी थीं तो पुरुष गाड़ी के पीछे पायदान पर खड़े थे।
केस नंबर चार
दोपहर एक बजे नगर के राधारमन रोड पर करहल के लिए डीसीएम चालक यात्रियों को बैठा रहा था। डीसीएम पर कुछ ही समय में यात्रियों की काफी संख्या हो गई।
ओवर लोडिंग और डग्गामारी पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा। जल्द ही इस पर अंकुश लगेगा। होली के चलते कुछ समस्या बढ़ी है। वह स्वयं अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे।
शैलेंद्र लाल, सीओ ट्रैफिक