प्रशासन ने गांव में पहुंचाए टैंकर
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को गांव में सक्रिय रहकर कार्य करने को कहा गया है। तापमान बढ़ने के कारण लोगों में दस्त, खुजली, बुखार की समस्या हो सकती है। इस बारे में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। गांव में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। लोगों को उथले हैंडपंपों के पानी का प्रयोग न करने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा है कि जिन ग्रामों में जल-जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना संचालित है, ग्रामीण पीने के लिए नल के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे जल का ही प्रयोग करें।
गांव में साफ-सफाई के भी आदेश
अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले नालों की सफाई कराएं और जल निकासी के बेहतर प्रबंध करें।
बोरिंग तथा विस्फोट से जल प्रदूषित होने की संभावना कम
एसडीएम नितिन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर भेजी गई एक टीम ने तहसील में कई स्थानों पर ग्रामों से बाहर प्रोटोकॉल के तहत बोरिंग की थी। इसकी जानकारी तहसील में दी गई थी। टीम की ओर से बोरिंग तथा विस्फोट से जल प्रदूषित होने की संभावना कम है। हालांकि ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए पेयजल तथा बोरिंग के स्थान की मिट्टी के सैंपल प्रयोगशाला भिजवा दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने पर ही सही जानकारी मिल सकेगी। तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। एसडीएम के पास नायब तहसीलदार अखिल गोयल, ग्राम प्रधान चंद्रभान व राजस्व कर्मी मौजूद रहे।
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