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UP: दूषित पानी से हो रहे बीमार...जांच के लिए पहुंचे जिलाधिकारी, मिट्टी के लिए सैंपल; दो माैतों की ये है वजह

Wed, 04 Jun 2025 01:06 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

दूषित पानी की शिकायत पर जांच के लिए डीएम अंजनी कुमार सिंह गांव हाफिजपुर पहुंचे। उन्होंने गांव के लोगों से बातचीत की। कहा कि पानी की जांच कराई जा रही है।
 
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गांव में पहुंचे डीएम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मैनपुरी के कुरावली के गांव हाफिजपुर में पेट्रोल-डीजल के स्रोत की तलाश में बोरिंग करने और विस्फोटक डालकर विस्फोट करने से भूगर्भ जल दूषित होने के मामले में जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को एसडीएम की मौजूदगी में पानी के 6 और बोरिंग स्थलों से मिट्टी के 8 नमूने लेकर जांच के लिए कृषि उपनिदेशक कार्यालय स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया।
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इसके अलावा गांव के मलेरिया जांच के लिए 15 ग्रामीणों के सैंपल लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से बीते रविवार को 26 वर्षीय मोहनलाल और 5 वर्षीय निधि की मौत के संबंध में भी रिपोर्ट ली है। इसमें स्वास्थ्य विभाग ने उल्लेख किया है कि मोहनलाल की मौत अधिक मात्रा में मदिरा सेवन के कारण गुर्दे खराब होने और निधि की मौत निमोनिया से हुई है। दूषित जल पीने से मौत होना सामने नहीं आया है।

मंगलवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह गांव में पहुंचे। उन्होंने गांव के लोगों से बातचीत की। कहा कि मन में भ्रम न पालें, अफवाह फैलाने वालों से सतर्क रहें। पानी की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टतया जल दूषित होना प्रतीत नहीं हो रहा है। 
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डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गांव में बीमारी फैलने की अफवाह की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेज कर सोमवार को गांव के व्यक्तियों की जांच कराई गई, जिसमें से कुछ सर्दी-जुकाम एवं खुजली से पीड़ित थे। 8-10 को दस्त की समस्या थी। सभी को दवा दे दी गई है।

 
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प्रशासन ने गांव में पहुंचाए टैंकर
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को गांव में सक्रिय रहकर कार्य करने को कहा गया है। तापमान बढ़ने के कारण लोगों में दस्त, खुजली, बुखार की समस्या हो सकती है। इस बारे में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। गांव में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। लोगों को उथले हैंडपंपों के पानी का प्रयोग न करने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा है कि जिन ग्रामों में जल-जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना संचालित है, ग्रामीण पीने के लिए नल के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे जल का ही प्रयोग करें।

गांव में साफ-सफाई के भी आदेश
अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले नालों की सफाई कराएं और जल निकासी के बेहतर प्रबंध करें।

बोरिंग तथा विस्फोट से जल प्रदूषित होने की संभावना कम
एसडीएम नितिन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर भेजी गई एक टीम ने तहसील में कई स्थानों पर ग्रामों से बाहर प्रोटोकॉल के तहत बोरिंग की थी। इसकी जानकारी तहसील में दी गई थी। टीम की ओर से बोरिंग तथा विस्फोट से जल प्रदूषित होने की संभावना कम है। हालांकि ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए पेयजल तथा बोरिंग के स्थान की मिट्टी के सैंपल प्रयोगशाला भिजवा दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने पर ही सही जानकारी मिल सकेगी। तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। एसडीएम के पास नायब तहसीलदार अखिल गोयल, ग्राम प्रधान चंद्रभान व राजस्व कर्मी मौजूद रहे।

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