नगर क्षेत्र में दो साल पहले बिछाई गई इंटरलाकिंग कई स्थानों पर टूट चुकी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। रात के समय इनमें गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। अधिकारी भी इसी रास्ते से गुजरते हैं लेकिन सुधार करने की पहल किसी ने अभी तक नहीं की है।
नगर क्षेत्र में दो साल पहले पूरे शहर में सड़क किनारे इंटरलाकिंग बिछाई गई थी। नगर पालिका द्वारा बिछाई गई इंटरलाकिंग गुणवत्ता की कमी के कारण दो साल में कई स्थानों से टूट चुकी है। इन जगहों पर कई गहरे गड्ढे भी हो गए हैं। बारिश में तो हाल और भी बुरा हो जाता है।
दृश्य-1
स्टेशन रोड पर पंजाबी कालोनी के पास सड़क किनारे इंटरलाकिंग में गहरा गड्ढा हो गया है। पूरे दिन वाहनों का आवागमन रहता है। बारिश में गहरे गड्ढे में पानी भर जाता है। दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हाते हैं। अधिकारी भी यहां से गुजरते हैं।
दृश्य-2
व्यस्ततम आश्रम रोड पर बसे महाराज नगर में कराई गई इंटरलाकिंग दो साल में ही टूट चुकी है। गहरा गड्ढा हो चुका है। मोहल्ले के लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं। मगर किसी अधिकारी ने कोई सुनवाई नहीं की है। बच्चे आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं।
दृश्य-3
देवी रोड पर दिन रात वाहन गुजरते हैं। यह शहर का व्यस्ततम मार्ग है। बिजली कार्यालय के सामने छह महीने पहले इंटरलाकिंग में हुआ गहरा गड्ढा लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। शिकायत करने के बाद भी किसी ने सुनवाई नहीं की है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं।
दृश्य-4
कचहरी रोड पर जिला अस्पताल के पास इंटरलाकिंग टूट चुकी है। यहां गहरा गड्ढा हो चुका है। अस्पताल आने वाले मरीज और तीमारदार इसमें गिरकर चोटिल हो जाते हैं। यहां से भी पूरे दिन अधिकारी गुजरते हैं। किसी का ध्यान गड्ढे तक नहीं पहुंचा है।
मोहल्ला मिश्राना निवासी राकेश का कहना है कि इंटरलाकिंग करते समय मानकों की अनदेखी की गई है। गुणवता में कमी के कारण दो साल में ही इंटरलाकिंग टूट चुकी है।
इस मामले में जांच कराकर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही रिकवरी भी की जानी चाहिए।
दुबे कंपाउंड निवासी प्रमोद दुबे का कहना है कि कमीशनबाजी के चक्कर में ठेकेदारों द्वारा कराए जाने वाले कायर्शें का अधिकारी निरीक्षण नहीं करते हैं। यही बजह है कि दो साल पहले नगर मे कराई गई इंटरलाकिंग कई स्थानों पर गड्ढ़ो ंमें बदल गई है। यह गड्ढ़े मौत को दावत दे रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में कराई जाने वाली इंटरलाकिंग की समय सीमा तीन साल निर्धारित है। अगर निर्घारित समय में नगरपालिका क्षेत्र की इंटरलाकिंग टूट जाती है तो उसी ठेकेदार से उसी धनराशि से ही इंटरलाकिंग सही कराई जाती है। मानक और गुणवत्ता में जांच के बाद कमी पा जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
रामपाल यादव
ईओ नगरपालिका