लोगों के खानपान और मौसम में हो रहे बदलाव के चलते लोगों को पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं। एसिडिटी, डायरिया और पेट की अन्य समस्याओं के हर रोज 30-40 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
ठेल पर खुले में लगे खाद्य पदार्थ सेहत खराब कर रहे हैं। साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। युवा और बच्चे लीवर और पेट संबंधी रोगों की चपेट में आ रहे हैं। लीवर सिरोसिस, कोलेस्ट्राल का बढना, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। चिकनाई युक्त पदार्थो के अत्यधिक सेवन से कई बार हार्ट का भी खतरा बना रहता है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. पीके गुप्ता का कहना है कि बच्चों को घरों में बना ताजा खाना खिलाना चाहिए। बाजार का खुला भोजन डायरिया का मरीज बना रहा है। इस समय डायरिया से पीड़ित बच्चे जिला अस्पताल आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. एके उपाध्याय का कहना है कि गर्मी के चलते खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होते हैं। ऐसे मेें बाजार की चीजें खाने से परहेज करें। सबसे ज्यादा ऐसा खाने वाले ही बीमार पड़ रहे हैं। पेट में दर्द, एसिडिटी, डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। चिकनाई युक्त भोजन से कोलस्ट्रॉल जमा होने लगता है। जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। इसकी समस्या युवाओं में भी हो रही है। तो वहीं फास्ट फूड का सेवन भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है।