उत्तर प्रदेश के मैनपरी में सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने छह महीने पहले की गर्ई शिकायत पर अगर ध्यान दिया होता तो करहल की सहकारी बैंक में हुआ फर्जीवाड़ा नहीं होता। करहल की सहकारी बैंक शाखा में एटीएम कार्ड से ही रुपये निकालने में फर्जीवाड़ा किया गया है।
सहकारी बैंक शाखा जागीर के कैशियर शेखर कुमार ने 19 जनवरी 2022 को बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत में कहा था कि उसका मैनपुरी शाखा से 28 दिसंबर 2021 को तबादला बेवर शाखा के लिए किया गया था। एक जनवरी 2022 को उसका तबादला बेवर शाखा से जागीर शाखा में किया गया। एक जनवरी को उसने कार्यभार जागीर शाखा में ग्रहण किया। तीन जनवरी 2022 को जागीर के शाखा प्रबंधक ने उसकी आईडी बेवर से जागीर शाखा में स्थानांतरित करा दी।
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उसने शिकायत में कहा था कि सहकारी बैंक से जारी किए जा रहे एटीएम का बैंक में कोई रिकार्ड नहीं है। जारी किए जाने वाले एटीएम को रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा था कि तीन जनवरी 2022 को उनकी आईडी से बेवर शाखा से कुछ एटीएम कार्ड जारी कर दिए गए हैं। इनको एटीएम रजिस्टर पर भी दर्ज नहीं किया गया है। उसकी शिकायत पर बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने ध्यान ही नहीं दिया।
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करहल में डेबिट कार्ड से ही हुआ फर्जीवाड़ा
करहल की सहकारी बैंक शाखा में जो फर्जीवाड़ा हुआ है। उसमें खातों से रुपये निकालने में डेबिट कार्ड को ही प्रयोग किया गया है। बैंक सूत्रों ने बताया कि डेबिट कार्ड जारी करने में मनमानी हुई है। जारी किए गए कार्ड रजिस्टर में दर्ज ही नहीं हैं। कई ग्राहकों को पता ही नहीं है कि उनके खाते पर सहकारी बैंक से डेबिट कार्ड भी जारी हुआ है।