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चार वर्ष में ही राहें जुदा: कोशिशों के बाद भी नहीं बात, अलग होने के लिए चुकानी होगी यह कीमत, सदमे में परिजन

Sat, 03 Jun 2023 05:36 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में शादी के चार वर्ष बाद ही पति-पत्नी की राहें जुदा हो गईं। कोशिशों के बाद भी जब बात नहीं बनी को दोनों एक दूसरे से अलग रहने पर तैयार हुए। डाइवोर्स लेने के पति को अदालत के सामने बड़ी रकम चुकानी होगी।
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चार वर्ष में ही राहें जुदा: अलग होने के लिए चुकानी होगी यह कीमत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में शादी के बाद से उपजी कलह के कारण महज चार वर्ष में दंपती की राहें जुदा हो गईं। वह दोनों एक दूसरे से अलग होने पर समझौता करने को तैयार हुए। यह कार्रवाई अदालत के सामने की जाएगी। इसके लिए पति को तीन लाख रुपये चुकाने होंगे। इसके बाद वह अलग-अलग रह सकेंगे।

अंजली ने ली अदालत की शरण 

मामला औंछा थाना क्षेत्र का है। यहां की रहने वाली अंजली की शादी चार वर्ष पहले निर्मल के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी नहीं होने को लेकर निर्मल तथा उसके परिजन ने अंजली के साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। वह उसके साथ मारपीट करने लगे और एक दिन घर से निकाल दिया। अंजली ने न्याय पाने के लिए अदालत की शरण ली। उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा दायर किया। 

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पत्नी को एकमुश्त देने होंगे तीन लाख

न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से मुकदमा समझौता कराने के लिए सुलह एवं समझौता केंद्र भेजा गया। यहां समझौता कराने की जिम्मेदारी मीडिएटर वीरपाल सिंह राठौर को सौंपी गई। मीडिएटर की मौजूदगी में आमने-सामने बैठने के बाद भी दंपती के मतभेद दूर नहीं हो सके। दंपती के बीच समझौता नहीं हो पाने पर दोनों पक्षों में लिखित रूप से तय हुआ कि निर्मल अपनी पत्नी को एक मुश्त तीन लाख रुपये देगा। 

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इसके बाद हो सकेंगे अलग

रुपये लेने के बाद दोनों आपसी सहमति से पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में विवाह विच्छेदन (डाइवोर्स) का मुकदमा दायर करेंगे। इसके बाद वह एक-दूसरे से अलग हो सकेंगे। सुलह एवं समझौता केंद्र से उनकी फाइल को वापस न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में भेजा गया है।

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