सत्य के पथ पर चलकर मानवता का पालन करना ही सच्चा धर्म है। सच्चे मार्ग पर चलने से मानवता खुद आ जाती है उसे धर्म द्वारा थोपा नहीं जा सकता है। जिस तरह कमरे की पूर्ण स्वच्छता का नाम सफाई है उसी तरह अंतकरण की गंदगी निकल जाने पर सत्य और परमात्मा से मिलन हो जाता है। यह प्रवचन कचहरी रोड स्थित कबीर आश्रम मेें आयोजित सत्संग में महंत अमर साहेब ने दिए।
उन्होंने कहा कि आज जो बोया गया है वही आने वाले समय में काटा जाएगा। हम जो बोएंगे उसकी के बीज अंकुरित होंगे। तभी कहा है बोया बीज बबूल का तो आम कहां से होय। पौधरोपण करने के बाद हमें उसकी बच्चे की तरह देखभाल करनी पड़ती है। समय से पानी देने के साथ ही देखभाल करनी पड़ती है। आवारा जानवरों से उसको बच्चों की तरह ही बचाना पड़ता है। कोई भी माली तथा जमीन मालिक फल पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करता है उसी तरह हमको भी अपने कर्मों से ही प्रभु को पाने के लिए त्याग करना पड़ता है।