अब कैसे चुकाएंगे ढाई लाख का कर्जा
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औंछा के मधन निवासी किसान की सदमे से हुई मौत के बाद अब परिवारीजनों को ब्याज चुकाने की चिंता सता रही है। साहूकारों और खाद बीज वालों के 1.50 लाख रुपये सहित बैंक के एक लाख रुपये चुकाने की बात सोचकर ही परिवारीजन परेशान हैं।
मधन निवासी 55 वर्षीय किसान लखनदास मिश्रा की सदमे से गुरुवार को मौत हो गई थी। किसान को आलू की खोदाई करते समय उनके पुत्र नरेंद्र तथा विजेंद्र ने बताया एक तो आलू की फसल कम हुई है और इस बार भाव भी गिरा हुआ है। इतना सुनते ही उनके सीने में दर्द हुआ और उनकी मौत हो गई। उनके पुत्र नरेंद्र व विजेंद्र खेती करते हैं। उन्होंने 30 बीघा खेत में आलू की फसल करने के लिए उनके पिता ने बैंक से एक लाख रुपया, साहूकारों से एक लाख रुपया ब्याज पर लिया था। खाद और बीज का भी 50000 रुपया उधार था।
नरेंद्र का कहना है पिता को उम्मीद थी अच्छी पैदावार होने पर सारा कर्जा निपट जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नरेंद्र का कहना है फसल बर्बाद हो गई। अब वह कर्जा कैसे चुकाएंगे। बैंक का तो आगे पीछे रुपया दे भी देंगे मगर साहूकार और खाद बीज वाले तो कुछ नहीं सुनेंगे।