मैनपुरी। आए दिन अस्पतालों और होटलों में आग लगने से गंभीर घटनाएं हो रहीं हैं। इसके बाद भी जिले में जिम्मेदार यहां की व्यवस्थाओं की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले में गली और कूंचों में बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के होटल और अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। यहां आग की घटना हुई तो जिम्मेदार कौन होगा।
हाल में दिल्ली में एक होटल में लगी आग से 22 लोगों की मौत हो गई। वहीं बिहार के एक अस्पताल में आग लगने से पांच लोगों की जान चली गई। इन सभी घटनाओं के बाद भी जिला प्रशासन जिले के अस्पतालों और होटलों की स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिले में होटल की बात करें तो 200 से 250 होटल, रेस्तरां और ढाबे संचालित हो रहे हैं। इनमें से यदि अग्निशमन की एनओसी की बात की जाए तो मात्र पांच के पास ही है।
ऐसे में शेष बिना एनओसी के संचालित हो रहे हैं। हैरान करने वाली बात तो यह है कि तीन से चार मंजिल होटल और रेस्तरां गली और कूंचों में संचालित हो रहे हैं जहां यदि आग जैसी घटना हो तो अग्निशमन विभाग की गाड़ी तक न पहुंच पाए। प्रशासन की यह अनदेखी कहीं किसी हादसे को आमंत्रण न दे दें। समय रहते जिला प्रशासन को जिले में संचालित होटल और अस्पतालों की जांच करनी चाहिए ताकि दिल्ली और बिहार जैसी घटनाओं को रोका जा सके।