कस्बा के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद चल रहे हैं। इससे बच्चों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है। कारण, मुख्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना-प्रदर्शन चलना है। ग्रामीणों ने डीएम से आंगनबाड़ी केंद्र खुलवाने की मांग की है।
गांव किचौरा में आंगनबाड़ी केंद्र है। यह केंद्र पिछले पांच दिनों से बंद चल रहा है। कार्यकत्री सहायिका दोनों ही मुख्यालय में चल रहे धरने में बैठी हैं। आंगनबाड़ी केंद्र पराहार पिछले 15 दिनों से बंद चल रहा है। यहां कार्यकत्री कमलेश कुमारी और सहायिका प्रवेश कुमारी तैनात हैं। इसके चलते बच्चों को पुष्टाहार का वितरण नहीं हो पा रहा है। वहीं इस केंद्र पर 39 बच्चे पंजीकृत हैं। कार्यकत्रियों के हड़ताल पर होने से बच्चे भटक रहे हैं।
वहीं ग्राम बिलासपुर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी दस दिनों से बंद चल रहा है। यहां पंजीकृत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार नहीं मिल रहा है। वहीं प्राथमिक विद्यालय घनश्यामपुर में आंगनबाड़ी केंद्र खुला जरूर मिला, लेकिन इस केंद्र पर कुल पंजीकृत 62 बच्चों में से 30 उपस्थित मिले। कार्यकत्री ऊषा देवी पाल 10 दिनों से अनुपस्थित चल रही हैं। जबकि सहायक लता यादव बच्चों को पढ़ा रही थीं। ग्रामीणाें ने बताया कि केंद्र पर काफी समय से बच्चों को हॉटकुक्ड और पुष्टाहार नहीं मिल रहा है। ग्रामीण जिनेंद्र कुमार ने बताया कि हॉटकुक्ड का जो रुपया आता है आंगनबाड़ी कार्यकत्री निकाल लेती हैं लेकिन बच्चों को भोजन नहीं देती हैं।