भीषण गर्मी के चलते पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में गुरुवार को पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित होने पर गंभीर हालात में 17 रोगी भर्ती कराए गए। एक मासूम की डायरिया से मौत हो गई। तो एक की तेज बुखार से मौत हो गई।
भीषण गर्मी में संक्रामक रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल हो या प्राइवेट नर्सिंगहोम हर जगह रोगियों की लंबी कतार नजर आ रही है। गुरुवार को पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित 17 रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। वहीं करहल थाना क्षेत्र के ग्राम रूपपुर निवासी संदेश (तीन माह) की डायरिया से पीड़ित होने पर मौत हो गई।
करहल के ग्राम नौरमई निवासी बलराम के 13 वर्षीय पुत्र शिवम को दो दिन पूर्व तेज बुखार आया। उपचार के लिए परिवारीजन उसके सैफई ले गए। जहां डाक्टरों ने बुखार आने का कारण भीषण गर्मी और तेज धूप बताया। उपचार के बाद परिवार वाले शिव को घर ले आए। वहीं गुरुवार को उसकी हालत फिर बिगड़ गई। उसे तेज बुखार आ गया। आनन-फानन में प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए। जहां उसने दम तोड़ दिया।
गर्मी में बुखार के साथ थकान रहना, बार-बार जुबान सूखना, बुखार तेज होने पर पसीना न आना घातक स्थिति का संकेत है। बेहोशी और मांसपेशियों में कमजोरी के कारण अंगों का शिथिल होना हीट स्ट्रोक के लक्षण होते हैं। गर्मी में होने वाले ऐसे रोगों से बचाव के लिए सात लीटर पानी पीना जरूरी है। दिन में दो से चार बार नमक और चीनी के घोल का सेवन करना चाहिए।
- डा. जेजे राम, फिजिशियन