मैनपुरी। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन यूनानी विभाग को भी मजबूत करने जा रहा है। प्रदेश के नौ जिलों में राजकीय यूनानी अस्पताल के संचालन का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में जिले भी एक यूनानी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम करहल को विकास खंड करहल में भूमि की पैमाइश करने के निर्देश दिए हैं। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि कि शासन के निर्देश पर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के नौ जिलों में राजकीय यूनानी अस्पताल भवन का निर्माण कराने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विकास खंड करहल में जिले के पहले राजकीय यूनानी अस्पताल की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम करहल को चयनित भूमि की पैमाइश की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति में जोड़ों का दर्द, बवासीर, दमा, चर्म रोग एवं पेट से जुड़ी सभी समस्याओं जैसी जटिल बीमारियों का इलाज किया जाता है। इससे जिले के लोगों को कम खर्च पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह नया चिकित्सालय जिले के लोगों को पारंपरिक और किफायती चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कम खर्च में इलाज यहां मात्र एक रुपये के खर्च पर सभी बीमारियों का यूनानी पद्धति से इलाज किया जाएगा।