उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में कस्बा औंछा स्थित एक पूर्व माध्यमिक स्कूल का शिक्षक इस कदर गिर चुका था कि गुरु-शिष्य का रिश्ता भी शर्मसार करने से बाज नहीं आया। थाने पहुंची बच्चियों ने पुलिस को बताया कि वह कभी कमर को छूता था तो कभी चिकोटी काटता था। वह किसी न किसी तरह से अपने पास बुलाने की कोशिश करता रहता था। शिक्षक की करतूत के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में गुस्सा है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक की करतूत कभी किसी के सामने नहीं आती, अगर कक्षा आठ की छात्रा उसकी हरकत का विरोध नहीं करती। छात्रा ने विरोध किया और हिम्मत दिखाते हुए अभिभावक और पुलिस को सब कुछ सच बताया। छात्रा ने बताया कि शिक्षक हमेशा पास बुलाने का बहाना तलाशता था। कभी बहाने से कमर को छूता था तो कभी चिकोटी काटता था।
ये हरकत तो 8वीं की छात्रा के साथ कर रहा था। कक्षा तीन में पढ़ने वाली कुछ छात्राओं को तो शिक्षक फोन पर अश्लील वीडियो दिखाता था। इन्हीं हरकतों से बच्चियां शिक्षक नरेंद्र यादव से दूर-दूर रहने लगी थी। इसके बाद भी शिक्षक कोई न कोई बहाना बनाकर बच्चियों के पास जाता और अपनी घृणित मानसिकता के साथ बच्चियों के साथ गंदी हरकत करता था।
शिक्षक के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
छात्राओं के अभिभावक और ग्रामीणों में आक्रोश की कोई सीमा नहीं थी। समाज में सम्मानित शिक्षक के पद को दागदार करने वाले शिक्षक को सभी सबक सिखाना चाहते थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अभिभावक और ग्रामीणों का कहना है कि बच्चियों के साथ घिनौनी हरकत करने वाले शिक्षक को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
तीन साल से प्रधानाध्यापक साधे रहे चुप्पी
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक घृणित मानसिकता का शिक्षक काफी समय से बच्चियों पर गंदी नजर बनाए रहा। इसका पता आखिर किसी को क्यों नहीं चला। चर्चा यह भी है कि प्रधानाध्यापक सहायक अध्यापक नरेंद्र यादव की हरकतों के बारे में जानते थे। इसके बाद भी चुप्पी साधे रहे। न तो खुद कोई कार्रवाई की न ही पुलिस को ही सूचना दी। आज अगर बच्ची हिम्मत न दिखाती तो शिक्षक बड़ी घटना को भी अंजाम दे सकता था।