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सिपाही का शव देखते ही पछाड़ खाकर गिरी मां

Thu, 06 Apr 2017 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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गमगीन माहौल में गांव के बाहर अंतिम संस्कार किया - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शमसाबाद में बदमाशों की गोली का शिकार हुए सिपाही अजय यादव का शव गुरुवार को गांव चांदा में सुबह छह बजे पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण इकट्ठा हो गए। वृद्ध मां तो अपने बेटे का शव देखते ही पछाड़ खाकर गिर पड़ी। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में गांव के बाहर अंतिम संस्कार किया गया।
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चांदा निवासी पूर्व सैनिक सियाराम यादव का पुत्र अजय यादव आगरा के शमसाबाद थाने में तैनात था। एसओजी टीम के तेज तर्रार सिपाहियों में उसकी गिनती होती थी। वह दो दिन पहले ही गांव से ड्यूटी पर गया था। बुधवार की शाम बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी। रात में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद गुरुवार की सुबह करीब छह बजे जैसे ही शव गांव पहुंचा। पूरे गांव में कोहराम मच गया। शव देखते ही लोग अजय के घर पहुंच गए। हर आंख से बह रहे आंसुओं के बीच उनमें आक्रोश भी साफ नजर आया। जैसे ही शव दरवाजे पर पहुंचा वहां पहले से मौजूद अजय की वृद्धा मां कमला देवी शव देखते ही पछाड़ खाकर गिर पड़ी। पत्नी शगुन का तो रोते रेाते बुरा हाल था। उसको ढांढस बंधाने वाली महिलाएं खुद भी अपने आंसू नहीं रोक पा रही थीं।
सारे घटनाक्रम से अंजान पांच साल का पुत्र अंश कभी मां तो कभी ताऊ को रोते देख खुद भी जोर जोर से रोने लगता था। सुबह 10:30 बजे गांव के बाहर खेत में किए गए अंतिम संस्कार से पूर्व मृत सिपाही को अंतिम सलामी दी गई। मुखाग्नि बड़े भाई निदेश ने दी। शव लेकर आए आगरा के एसपी पश्चिम मंशाराम गौतम, सीओ छत्ता विजेंद्र सिंह, सीओ एत्मादपुर सुरेश चंद्र, एसओजी टीम आगरा के सदस्यों की आंखों से लगातार आंसू निकलते रहे। सीओ कुरावली शमशेर सिंह, तहसीलदार राकेश सोनी, नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार, क्षेत्रीय विधायक ब्रजेश कठेरिया की पत्नी नीता कठेरिया, चेयरमैन जैसीराम यादव, मुकेश यादव, पप्पू यादव, नरेंद्र सिंह, लालू यादव, चंद्रकेश यादव, जगदीश यादव आदि मौजूद थे।
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काम से नहीं हटूंगा पीछे
बदमाशों की गोली से मारे गए सिपाही अजय के बड़े भाई दिनेश कुमार कन्नौज जिले में डायल 100 में तैनात हैं। अजय दो दिन पहले ही गांव से ड्यूटी पर आगरा गया था। गांव में ही अजय से दिनेश मिला था। उसने अजय से कहा था एसओजी से हटकर किसी थाने में ट्रांसफर करा लो तो उसने कहा मैं शेर हूं ,शेर ही रहूंगा, ट्रांसफर नही कराऊंगा। काम से पीछे नहीं हटूंगा। 2005 में भर्ती होने के बाद थाना डौकी, एत्मादउद्दौला के अलावा एसओजी टीम में ही रहा। नवंबर 2016 में आईजी सुजीत पांडेय, एसएसपी आगरा ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।

गांव के हर घर में वर्दी की नौकरी
गांव चांदा में लगभग 25 परिवार रहते हैं। जुनून के चलते गांव के अधिकांश युवा सेना, पीएसी, पुलिस, सीआरपीएफ की तैयारी करते है। तैयारी की बदौलत हर घर का एक न एक युवा वर्दी वाली नौकरी में है। तीन घरों के तो हर युवा वर्दी वाली नौकरी कर रहे हैं।

पुलिस के लिए नहीं मानवाधिकार
 अजय के भाई दिनेश का एसपी पश्चिम ग्रामीण मंशाराम गौतम के सामने गुस्सा फूट पड़ा। उसने कहा बदमाशों के लिए मानवाधिकार पुलिस के लिए कोई मानवाधिकार नहीं। जवान दस मर जाएं पर बदमाश एक भी न मरे। बदमाश के पकड़े जाने के बाद भी हीलाहवाली। अजय के बच्चों को कौन पालेगा। जिस थाने में अजय तैनात था वहां का थानाध्यक्ष क्यों नही आया। विभाग में जिसने दिलेरी दिखाई वही मारा गया। एसपी ने ढांढस बांधते हुए कहा कि जवान का जीवन हमेशा खतरे में रहता है। मदद करने को सरकार और विभाग हमेशा तैयार रहता है। ग्राम प्रधान स्नेहलता यादव ने एसपी से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
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