सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच नि:शुल्क कर दी गई हैं। जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से नि:शुल्क जांच के लिए रोगी भटक रहे हैं। बायोकैमिस्ट्री जांच न होने से रोगियों को इधर-उधर जाना पड़ रहा है। कारण पैथोलॉजी में लगा ऐनालॅाइजर का खराब होना बताया जाता है।
वर्तमान में जिला अस्पताल में ब्लड सुगर, ब्लड यूरिया, सीरम क्रेटिनन, कोलिस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, सीरम ब्लूबिरिन, एसजीओटी, एसजीपीटी, सीरम कैलिश्यम आदि जांचों के लिए रोगियों को भटकना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में जांच की सुविधा न होने के चलते रोगी मजबूरन काफी अधिक कीमत पर यह जांच निजी पैथोलॉजी पर करा रहे हैं। रोगी जांच के लिए जब पैथोलॉजी जाते हैं तो एनेलॉइजर खराब होने की बात कह दी जाती है।
केस नंबर एक
नगर के कचहरी रोड निवासी रामसखी (75) डायबिटीज से पीड़ित हैं। सोमवार को रामसखी जांच कराने के लिए अस्पताल गईं। रामसखी के अनुसार वहां जांच न होने की बात कही गई। मजबूरन प्राइवेट पैथोलाजी में जांच कराने जाना पड़ा।
केस नंबर दो
नगर के पंजाबी कालोनी निवासी मालती (64) को बेचैनी होती है। वह हाइपर टेंशन की भी रोगी हैं। मालती के अनुसार चिकित्सक ने ट्राइग्लिसराइड जांच कराने की सलाह दी। अस्पताल में जांच अभी न होने की बात कही गई। जब जांच ही नहीं होती तो नि:शुल्क जांच से क्या फायदा।
पैथोलॉजी में जांच के लिए एनालॉइजर में कुछ कमी आ गई है। इसके लिए पत्र लिखा गया है। संबंधित संस्था के इंजीनियर से फोन पर भी वार्ता की गई है। शीघ्र ही एनालॉइजर सही कराकर जांच सुविधा शुरू करा दी जाएगी। डा. आरके सागर सीएमस जिला अस्पताल