थाना बिछवां और कुरावली क्षेत्र में कलश विसर्जन के दौरान नदी और नहर में डूबने से दो किशोर सहित चार लोगों की मौत हो गई। चारों के शव पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है।
थाना कुरावली क्षेत्र के गांव नगला गोपीचंद्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को समापन हुआ था। दोपहर एक बजे ग्रामीण घिरोर रोड स्थित बेवर ब्रांच लोअर गंग नगर में कलश विसर्जन करने गए थे। सभी लोग भक्ति गीतों पर नाच गा रहे थे। इसी बीच श्यामू (14) पुत्र अमर सिंह, लकी (13) पुत्र रूप किशोर ने नहाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। काफी देर तक जब दोनों दिखाई नहीं दिए तो ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी नहर विभाग के अधिकारियों से नहर का पानी रुकवाने के बाद तलाश शुरू कर दी। शाम छह बजे के लगभग दोनों के शव घिरोर रोड नगला जमुनिया के पास गोताखोरों ने बरामद कर लिए।
दूसरी घटना, थाना बिछवां क्षेत्र स्थित भनऊ पुल पर हुई। काली गांव जगतपुर में भागवत कथा समापन के बाद ग्रामीण कलश विसर्जन के लिए काली नदी पर आए थे। यहां विसर्जन के बाद ग्रामीण नहाने नदी में उतरे। इसी दौरान नितिन (35) पुत्र सुरेश निवासी गांव जगतपुर और संजय (20) निवासी मोहल्ला हुंमायुपुर फीरोजाबाद नदी की धार में काफी दूर तक बह गए। काफी देर बाद ग्रामीणों ने जब उन्हें बाहर निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसी बीच सोनू (22) निवासी जगतपुर को ग्रामीणों ने डूबने से बचा लिया। मृतक संजय ससुराल गांव जगतपुर भागवत कथा में शामिल होने आया था। दोनों जगह हुई घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
काली नदी में डूबने से अब तक 12 से ज्यादा की हुई मौत
बिछवां। थाना क्षेत्र में काली नदी में प्रतिवर्ष कोई न कोई व्यक्ति की डूबने से मौत होती है। बीते एक दशक में यहां हादसा होते रहे हैं। अभी तक करीब 12 से अधिक लोग नदी में डूबकर अपनी जान गवां चुके हैं।