मैनपुरी। सह जिला विद्यालय निरीक्षक (एडीआईओएस) रघुराज सिंह पाल ने बरनाहल विकास खंड के स्कूलों का निरीक्षण किया। एक स्कूल बिना मान्यता के संचालित मिला, जबकि चार अन्य स्कूलों में 9 और हाईस्कूल की कक्षाएं चलाई जा रही थीं, जबकि मान्यता जूनियर हाईस्कूल तक की थी। एडीआईओएस ने स्कूलों पर कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को रिपोर्ट सौंपी है।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक बुधवार को स्वामी रामानंद संस्कृत साइंस इंटर कॉलेज अब्दुल नवीपुर पहुंचे। यहां बिना मान्यता के ही नर्सरी से कक्षा 12 का संचालन किया जा रहा था। नामांकित 475 में से 432 छात्र मौजूद थे। संचालक मान्यता संबंधी कोई अभिलेख नहीं दिखा सके। प्रधानाचार्य संतोष कुमार ने बताया कि मान्यता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय सेंट जीबीएस कॉलेज, शाहजहांपुर से संबद्ध है। सेंट मेरी पब्लिक स्कूल डालूपुर में जूनियर की मान्यता पर कक्षा 9 और 10 की कक्षाएं लग रही थीं। प्रधानाचार्य नीरज कुमार कक्षा 9 और 10 की कक्षा के संबंध में जवाब नहीं दे सके। कुछ ही दूरी पर संचालक द्वारा दूसरी विंग संचालित हो रही थी। दया पब्लिक स्कूल बरनाहल में भी जूनियर की मान्यता पर अवैध रूप से कक्षा 9 और 10 का संचालन मिला। स्कूल में गंदगी के ढेर लगे हुए थे। स्कूल प्रांगण में ही जानवर बंधे हुए थे और गोबर भी डाला जा रहा था। बैकुंठी देवी स्कूल की जूनियर तक ही मान्यता है। यहां भी कक्षा 9 और 10 का संचालन किया जा रहा था। स्कूल प्रांगण में ही ज्ञान ज्योति के नाम से प्राथमिक की मान्यता पर एक स्कूल का संचालन हो रहा था। एडीआईओएस को लॉर्ड बालाजी ग्लोबल एकेडमी, बरनाहल में तृतीय तल पर टिनशेड में कक्षा 9 और 10 का संचालन मिला। इस दौरान प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज सहन अवनीश कुमार और सहायक दीपू शर्मा मौजूद रहे।
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अवैध रूप से सीबीएसई का लगा रखा है बोर्ड
सेंट मेरी पब्लिक स्कूल के संचालक ने अवैध रूप से सीबीएसई एफिलिएशन नंबर 00355 दर्ज था। जब इस संबंध में संचालक से एडीआईओएस ने अभिलेख मांगे तो नहीं दिखा सके। एडीआईओएस का कहना था कि सीबीएसई से मान्यता का अवैध बोर्ड लगाकर अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।
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तंग गलियों में संचालित मिला स्कूल
एडीआईओएस को डीपीएस (दया पब्लिक स्कूल) तंग गली में संचालित मिला। यहां मारुति वैन तक आसानी से नहीं पहुंच पा रही थी। लॉर्ड बालाजी एकेडमी तृतीय मंजिल तक संचालित हो रहा था, यहां मानक के अनुसार अग्निशमन के साधन भी नहीं थे। निरीक्षण में चार स्कूलों में बिना फिटनेस के वाहन मिले।
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